रतलाम, अग्निपथ। तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट कर हुई 67 लाख 75 हजार 301 रुपये की ठगी के मामले में रतलाम पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस धोखाधड़ी की राशि में से 47 लाख 75 हजार 301 रुपये रतलाम स्थित फेडरल बैंक के एक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस ने इस मामले में ‘म्यूल अकाउंट’ उपलब्ध कराने वाले खाताधारक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कमीशन के लालच में दिया बैंक खाता
एसपी अमित कुमार के अनुसार, ठगी का शिकार हुए केसी श्रीधर की शिकायत पर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि माणकचौक निवासी प्रथम मित्तल के खाते में संदिग्ध राशि जमा हुई है। पूछताछ में प्रथम ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों हेमंत रायक और शुभम रेडा के कहने पर कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपयोग के लिए दिया था। इन खातों का इस्तेमाल अपराधी अवैध ट्रांजेक्शन को छिपाने के लिए करते हैं।
पुलिस की अपील: सावधानी ही बचाव
माणकचौक थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस अंतरराज्यीय नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। एसपी ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी धमकियों से न डरें और किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता दूसरों को उपयोग के लिए न दें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर सूचित करें।
