रतलाम, अग्निपथ। उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने सोमवार रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रतलाम जिले की कनेरी ग्राम पंचायत के सचिव सत्यनारायण सेन को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी सचिव ने जमीन के नामांतरण और भवन निर्माण का नक्शा पास करने के बदले पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त ने आरोपी को तेजा नगर स्थित उसके निजी निवास पर रिश्वत की पहली किश्त लेते हुए दबोचा।
पांच हजार रुपये में तय हुआ था सौदा
शिकायतकर्ता प्रेम जैसवार ने मां विंध्यवासिनी ड्रीम सिटी कॉलोनी में दो भूखंड खरीदे थे। इनमें से एक भूखंड पर निर्माण की अनुमति और दूसरे के नामांतरण के लिए वह पंचायत कार्यालय के चक्कर काट रहा था। आरोप है कि सचिव सत्यनारायण सेन ने इस काम के बदले पांच हजार रुपये की मांग की। आवेदक ने इसकी शिकायत 18 फरवरी को उज्जैन लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से की थी।
लोकायुक्त ने बिछाया जाल
लोकायुक्त डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल के नेतृत्व में टीम ने 23 फरवरी को शिकायत की पुष्टि की और सोमवार रात ट्रैप आयोजित किया। जैसे ही आवेदक ने सचिव को उसके घर पर 4500 रुपये दिए और सचिव ने रुपये टेबल पर रखे, वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त टीम ने दबिश दे दी। नोटों की जब्ती के बाद सचिव के हाथ धुलवाए गए, जिससे उसके हाथों का रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण है।
कार्रवाई में शामिल रही टीम
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक हीना डावर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत और आरक्षक श्याम शर्मा, संजीव कुमारिया व इसरार शामिल रहे। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से जिले के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में हडक़ंप मच गया है।
