धार, अग्निपथ। शहर के व्यस्ततम कोर्ट रोड पर शुक्रवार को उस समय अजीब स्थिति निर्मित हो गई, जब एक नव-निर्मित मिठाई शोरूम के उद्घाटन कार्यक्रम के लिए सार्वजनिक मार्ग को ही निजी जागीर की तरह इस्तेमाल किया गया। रसूखदारों ने यातायात के तमाम नियमों को ताक पर रखकर मुख्य सड़क को बाधित कर दिया, जिससे आम नागरिकों और राहगीरों को दिनभर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विडंबना यह रही कि जिस मार्ग पर पुलिस हेलमेट और कागजों के नाम पर आम जनता पर सख्ती दिखाती है, वहां सत्ताधारी दल के बड़े नेताओं की मौजूदगी के चलते जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने रहे।
रसूख के आगे बेबस दिखा प्रशासन
हैरानी की बात यह है कि इस वीआईपी आयोजन के दौरान यातायात पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मौन साधे रहा। चर्चा है कि शोरूम संचालक के ऊंचे रसूख और प्रभावशाली नेताओं से नजदीकी के कारण सड़क को बंधक बनाने की छूट दी गई। दिनभर कोर्ट रोड पर जाम की स्थिति बनी रही और लोग परेशान होते रहे, लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने समय रहते इसे रुकवाने की जहमत नहीं उठाई। जब स्थिति अनियंत्रित हुई और यातायात विभाग को सूचना दी गई, तब कहीं जाकर मौके पर पहुंच कर जाम खुलवाया गया। इस दौरान कानून व्यवस्था के रक्षक रसूख के आगे बेबस नजर आए।
आम जनता में भारी आक्रोश
शहर के जागरूक नागरिकों ने इस दोहरी कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि यही हिमाकत किसी गरीब ठेले वाले या छोटे दुकानदार ने की होती, तो अब तक नगर पालिका और पुलिस भारी जुर्माना वसूल चुकी होती या उसका सामान जब्त कर लिया जाता। लेकिन जब बात रसूखदारों की आई, तो नियम-कायदे ठंडे बस्ते में डाल दिए गए। नागरिकों ने पूछा कि क्या यातायात के नियम सिर्फ आम आदमी का चालान काटने के लिए ही बने हैं? किसी निजी आयोजन के लिए मुख्य सड़क को बंद करना सीधे तौर पर जनता के अधिकारों का हनन है।
जवाबदेही पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरी घटना ने प्रशासन की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। सवाल यह है कि क्या किसी निजी व्यवसायिक कार्यक्रम के लिए सार्वजनिक मार्ग को बाधित करने की अनुमति दी जा सकती है? यदि नहीं, तो दिनभर सड़क पर आवाजाही प्रभावित होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई? शहर में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या सत्ता और रसूख के प्रभाव में जिम्मेदारों की बोलती बंद हो गई थी। जनता अब प्रशासन से जवाब मांग रही है कि भविष्य में ऐसे अतिक्रमण और रसूखवाद पर क्या लगाम लगाई जाएगी।
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