12 से 16 फरवरी तक 200 चिकित्सक मुफ्त परामर्श भी देंगे
उज्जैन, अग्निपथ। मप्र की धर्मधानी उज्जैन में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर पहली बार विंध्य हर्बल मेले का आयोजन किया जा रहा है। वन विभाग के तत्वावधान में यह मेला 12 फरवरी से 16 फरवरी तक दशहरा मैदान में आयोजित होगा। मेले का शुभारंभ 12 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आमजन को पर्यावरण, आयुर्वेद, जनजातीय संस्कृति और वनोपज के पारंपरिक ज्ञान से रूबरू कराना है।
जड़ी-बूटियों और शुद्ध उत्पादों का संगम
वन मंडल अधिकारी अनुराग तिवारी के अनुसार, मेले में मध्यप्रदेश के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों के हर्बल उत्पाद, आयुर्वेदिक औषधियां और वनोपज पर आधारित हस्तशिल्प कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। यहां विंध्य हर्बल के 140 से अधिक विशिष्ट उत्पाद उपलब्ध रहेंगे, जिनमें महुए से बना बॉडी लोशन, एंटी-एजिंग क्रीम, बच्चों के लिए ग्रोविट, महुआ युक्त च्यवनप्राश, लैब टेस्टेड शहद और शिलाजीत आकर्षण का केंद्र होंगे। सरकारी ब्रांड और लैब टेस्टेड होने के कारण इन उत्पादों की शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया गया है।
स्वास्थ्य परामर्श और व्यापारिक अवसर
मेले में न केवल प्रदर्शनी होगी, बल्कि प्रतिदिन 200 से अधिक अनुभवी आयुर्वेदिक चिकित्सक आगंतुकों को निशुल्क परामर्श प्रदान करेंगे। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय हर्बल कार्यशाला और क्रेता-विक्रेता सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे। मध्य प्रदेश वन विभाग की विभिन्न योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनियां भी यहां लगाई जाएंगी, जिससे आमजन को विभाग की गतिविधियों और जैव विविधता की जानकारी मिल सके।
मनोरंजन और सांस्कृतिक झलकियाँ
बच्चों और युवाओं के आकर्षण के लिए मेले में चीता परिवार का एक विशाल स्कल्पचर स्थापित किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में लोकनृत्य, लोकसंगीत और नाटकों का मंचन होगा। साथ ही, वन्य प्राणियों को पकडऩे की तकनीक ‘बोमा’ का प्रदर्शन भी किया जाएगा। बच्चों के लिए चित्रकला और प्रकृति आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिससे उन्हें वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके।
श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए विशेष सुविधाएँ
महाशिवरात्रि के दौरान भक्तों की भीड़ को देखते हुए महाकाल मंदिर से मेला परिसर तक नि:शुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। साथ ही, कम शुल्क पर ई-रिक्शा की सुविधा भी रहेगी। बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए विशेष रूप से गोल्फ कार्ट और व्हील चेयर का प्रबंध किया गया है। सम्राट विक्रमादित्य की ऐतिहासिक राजधानी में यह आयोजन शहर की सांस्कृतिक और आयुर्वेद विरासत को नई पहचान देगा।
