उज्जैन, अग्निपथ। शहर में वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्यों, सड़क चौड़ीकरण और कई स्थानों पर अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक रास्ते बंद किए जाने से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचने के लिए लोगों को कई किलोमीटर के लंबे चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने इस अव्यवस्था पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रशासन से जनहित में तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है।
प्रशासन और पुलिस की संयुक्त बैठक की मांग
रवि राय ने कहा कि पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुकी है। नागरिकों को यह तक स्पष्ट नहीं है कि कौन सा मार्ग आवागमन के लिए खुला है और कौन सा बंद। उन्होंने मांग की है कि जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम के अधिकारी तत्काल एक संयुक्त बैठक बुलाएं। इस बैठक में यातायात के लिए सुलभ और वैकल्पिक मार्ग तय किए जाएं और उनकी जानकारी सार्वजनिक की जाए ताकि जनता को भटकना न पड़े।
धूल और प्रदूषण से निजात दिलाने के सुझाव
निर्माण कार्यों के चलते उड़ने वाली धूल और मिट्टी से शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। राय ने सुझाव दिया कि नगर निगम को अपने संसाधनों का उपयोग कर निर्माणाधीन सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करना चाहिए। साथ ही, निर्माण स्थलों के पास सुगम वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित किए जाएं ताकि यातायात का प्रवाह बना रहे और लोगों को धूल भरे क्षेत्रों में रुकना न पड़े।
अतिक्रमण हटाने और अतिरिक्त बल की आवश्यकता
यातायात प्रबंधन में पुलिस बल की कमी का उल्लेख करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नगर निगम को सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से लगे ठेले और गुमटियों को व्यवस्थित करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि यातायात को सुचारू बनाने के लिए केवल ट्रैफिक पुलिस पर निर्भर रहने के बजाय सभी थानों की पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाओं और आउटसोर्स कर्मचारियों की भी मदद ली जानी चाहिए। इससे जाम की स्थिति से निपटा जा सकेगा और नागरिकों का समय बर्बाद होने से बचेगा।
