मनोविकास केंद्र पर शक्ति स्वरूपाओं का सम्मान
उज्जैन, अग्निपथ। महिला दिवस के उपलक्ष्य में पंजाबी महिला विकास समिति द्वारा ‘मनोविकास केंद्र’ पर एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 30 से अधिक कर्मठ महिलाओं को सम्मानित किया गया। समारोह का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं की उपलब्धियों को रेखांकित करना था, जिन्होंने अपनी इच्छाशक्ति और समर्पण से समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की है।
संघर्ष और सफलता की मिसाल: कामिनी और अनामिका
समारोह में विशेष रूप से कामिनी यादव और अनामिका वर्मा को सम्मानित किया गया। ये दोनों महिलाएं शारीरिक रूप से अक्षम (दिव्यांग) होने के बावजूद न केवल कॉलेज में सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट लेक्चरर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं, बल्कि मनोविकास संस्था के कार्यों में भी सक्रिय योगदान दे रही हैं। उनकी जीवन यात्रा और समाज के प्रति अटूट समर्पण उपस्थित सभी लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना रहा। वक्ताओं ने कहा कि इन महिलाओं का संघर्ष यह सिद्ध करता है कि शारीरिक बाधाएं कभी भी प्रतिभा और हौसले को नहीं रोक सकतीं।
महिला सशक्तिकरण पर विद्वानों के विचार
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जीडीसी की प्राध्यापक नीता तपन और मिसेज खान उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में महिलाओं को आर्थिक और मानसिक रूप से सशक्त बनने और समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। समारोह में फादर प्रेम छाबड़ा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और समिति के सेवा कार्यों की सराहना की।
समिति की सक्रिय भागीदारी से सफल हुआ आयोजन
इस सफल आयोजन में पंजाबी महिला विकास समिति की अध्यक्ष शुभ्रा जुल्का, सचिव रितु टंडन, मीना खत्री, मंजू कक्कड़, योगिता हुरिया, सीमा रावत, सुषमा अरोड़ा, मीना खुल्लर, स्वाति कालरा, अनीता छाबड़ा और उषा जुनेजा सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। सभी सदस्यों ने एकजुट होकर समाज की इन नायिकाओं का उत्साहवर्धन किया और महिला दिवस को सार्थक बनाया।
