उज्जैन, अग्निपथ। उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की भव्य तैयारियों के मद्देनजर नगर निगम ने बुधवार को बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। निगम अमले ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नृसिंह घाट से लेकर लालपुल ब्रिज मार्ग तक वर्ष 2016 के बाद किए गए सभी पक्के अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया। जोन क्रमांक 03 के अंतर्गत की गई इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ मेले के दौरान साधु-संतों के डेरों, टेंट और श्रद्धालुओं की पार्किंग के लिए आरक्षित भूमि को खाली कराना है।
आश्रम की आड़ में चल रहा था 35 कमरों का अवैध होटल
कार्रवाई के दौरान नर्मदा घाट क्षेत्र स्थित शंकराचार्य मठ में स्वामी पुण्यानंद गिरी महाराज के आश्रम पर भी प्रशासन का डंडा चला। यहां करीब 10 हजार से 15 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में तीन मंजिला अवैध भवन खड़ा किया गया था। इस भवन में 35 एसी और नॉन-एसी कमरे बनाकर अवैध रूप से होटल संचालित किया जा रहा था, जिसे निगम की टीम ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसी तरह नृसिंह घाट रोड पर स्थित माधवानंद आश्रम के 60 गुणा 80 फीट और कलोता समाज की धर्मशाला के 80 गुणा 150 फीट क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण को भी हटाया गया।
सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी निर्माण पर है पूर्ण प्रतिबंध
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ क्षेत्र के लगभग 180 हेक्टेयर भूभाग में वर्ष 2016 के बाद बने सभी स्थायी निर्माणों को चिन्हित किया गया है। इस क्षेत्र में स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है, इसलिए सभी अवैध ढांचे हटाए जाएंगे। अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि जिला प्रशासन से प्राप्त सूची के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है ताकि मेले के दौरान व्यवस्थाएं सुचारू रहें। कार्रवाई के दायरे में बागली समाज और भूमि माता के सामने स्थित इंद्रेव महाराज आश्रम के अवैध निर्माण भी शामिल रहे।
