सिकल सेल मुक्त समाज के लिए विवाह पूर्व जेनेटिक कार्ड का मिलान अनिवार्य: राज्यपाल

खरगोन में सिकल सेल यूनिट का लोकार्पण: विवाह पूर्व जेनेटिक कार्ड मिलान पर दिया जोर

खरगोन। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सिकल सेल एनीमिया के पूर्ण उन्मूलन के लिए जेनेटिक काउंसलिंग और व्यापक जन-जागरूकता सबसे प्रभावी हथियार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विवाह से पूर्व जेनेटिक कार्ड का मिलान और गर्भावस्था के दौरान समय पर जांच सुनिश्चित की जाए, तो आने वाली पीढ़ी को इस वंशानुगत बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकता है। पटेल शनिवार को खरगोन प्रवास के दौरान ‘जनजातीय जीवन रक्षा एवं सिकल सेल हितैषी संवाद’ को संबोधित कर रहे थे।

2047 तक बीमारी समाप्त करने का लक्ष्य

संबोधन के दौरान जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन’ के तहत वर्ष 2047 तक इस बीमारी को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्यपाल ने समाज के हर वर्ग से इस अभियान में शामिल होने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि नियमित स्क्रीनिंग और सामूहिक प्रयासों से एक स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

प्रवास के दौरान राज्यपाल ने रक्षा अस्पताल में नवनिर्मित सिकल सेल यूनिट का विधिवत लोकार्पण किया। उन्होंने अस्पताल के 2 वार्डों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और आधुनिक जांच उपकरणों का जायजा लिया। अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए कि पीड़ितों को समय पर उपचार और सही मार्गदर्शन मिलना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

मरीजों और बच्चों से सीधा संवाद

राज्यपाल ने कार्यक्रम में सिकल सेल पीड़ितों और बच्चों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। उन्होंने मरीजों को नियमित दवा सेवन, व्यायाम, सुपाच्य भोजन और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी। साथ ही हिदायत दी कि इस बीमारी से प्रभावित व्यक्ति ठंडे पानी से स्नान करने से बचें। इस दौरान सिकल सेल क्षेत्र में किए गए कार्यों पर आधारित एक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया गया।

अनुवांशिक संघर्ष और सामाजिक उत्तरदायित्व

क्षेत्रीय विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने कहा कि यह बीमारी केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि शिक्षा और सामाजिक विकास को भी प्रभावित करती है। राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने जनजातीय वर्ग के विकास और स्वास्थ्य सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया। कार्यक्रम में पंधाना विधायक छाया मोरे, कलेक्टर भव्या मित्तल और पुलिस अधीक्षक रविन्द्र वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ उपस्थित थे।

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