सीहोर, अग्निपथ। भोपाल की अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने सीहोर की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता परमार के भाई पैथोलॉजिस्ट सुभाष परमार, उनकी कथित पत्नी डॉ. दीप्ति गुप्ता, चन्द्रेश परमार और ब्रजेश परमार को 6-6 महीने के सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई है। यह सज़ा आरोपियों को वर्ष 2018 में पत्नी श्वेता परमार और उनके परिजनों के साथ मारपीट और अभद्रता के मामले में सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार जैन की कोर्ट ने आरोपियों को तीन अलग-अलग धाराओं में सज़ा दी है।
अपर लोक अभियोजक नूतन नागर के अनुसार, फरियादी श्वेता परमार (चाणक्यपुरी, सीहोर निवासी) ने 22 नवंबर 2018 को बागसेवनिया थाने, भोपाल में शिकायत दर्ज कराई थी।
- घटना: श्वेता जब अपने ससुराल अरविंद विहार, भोपाल गई थीं, तभी उनका पति डॉ. सुभाष परमार, कथित पत्नी डॉ. दीप्ति गुप्ता और डॉ. सुभाष के मामा के लड़के चन्द्रेश व ब्रजेश परमार से कहासुनी हो गई। आरोपियों ने श्वेता के साथ अभद्रता की और उनके भाई व अन्य परिजनों के साथ जमकर मारपीट की।
- धाराएं: पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 307/149 (हत्या का प्रयास), 323, 494, 147, 148, 506, 427 भारतीय दण्ड संहिता के तहत अपराध दर्ज किया था।
विवाद के पीछे का मूल कारण
पीड़िता श्वेता परमार के पक्ष के अनुसार, इस पूरे विवाद की जड़ आरोपी डॉ. सुभाष परमार का प्रेम प्रसंग है। आरोप है कि डॉ. परमार ने अपनी शादी सीहोर निवासी श्वेता से करते समय डॉ. दीप्ति गुप्ता के साथ अपने प्रेम प्रसंग को छिपाया। शादी के बाद एक बेटी होने पर डॉ. सुभाष का असली चेहरा सामने आने लगा और उन्होंने श्वेता को परेशान करना शुरू कर दिया। श्वेता ससुराल छोड़कर मायके चली गईं, जिसके बाद डॉ. सुभाष ने उन्हें तलाक का नोटिस भेजा। तलाक का मामला कोर्ट में लंबित है और डॉ. सुभाष अपनी कथित पत्नी दीप्ति गुप्ता के साथ रह रहे हैं, जिनसे उनकी दो बेटियां भी हैं।
पीड़िता संतुष्ट नहीं, हाईकोर्ट जाने की तैयारी
पीड़ित श्वेता परमार ने कहा है कि वह अपर सत्र न्यायाधीश भोपाल के आदेश को हाइकोर्ट में चुनौती देंगी। पीड़िता का कहना है कि वह आरोपी पक्ष को मिली सज़ा से संतुष्ट नहीं हैं और चाहती हैं कि उन्हें ज्यादा से ज्यादा सज़ा मिले, क्योंकि आरोपियों ने मिलकर उनका पूरा जीवन बर्बाद कर दिया है।
