सीहोर, अग्निपथ। सीहोर जिले के थाना भेरूंदा अंतर्गत ग्राम भादाकुई में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है, जहां पांच साल पुराने प्रेम संबंधों का अंत हत्या जैसी जघन्य वारदात के साथ हुआ। 31 मार्च को मंडीदीप रेलवे स्टेशन के पास एक स्विफ्ट डिजायर कार (MP.04.TB.3237) में भोपाल निवासी संतोष शर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया था। मंडीदीप पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई, जिसमें मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर संदेही वीरेंद्र तुमराम तक पुलिस पहुंची। कड़ाई से पूछताछ करने पर वीरेंद्र ने हत्या की पूरी साजिश और वारदात की परतें खोल दीं।
आंखों में मिर्च डालकर दुपट्टे से घोंटा गला
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि मृतक संतोष शर्मा और आरोपी रजनी उईके के बीच पिछले पांच वर्षों से प्रेम संबंध थे। रजनी अब इस रिश्ते से पीछा छुड़ाना चाहती थी, जिसके लिए उसने अपने पति भगवान सिंह, बेटी पूजा उईके, रिश्तेदार रामविलास और दामाद वीरेंद्र के साथ मिलकर संतोष की हत्या का षडयंत्र रचा। योजना के अनुसार, संतोष को फोन कर घर बुलाया गया, जहां रजनी ने उसकी आंखों में लाल मिर्च झोंक दी। इसके बाद अन्य आरोपियों ने उसे दबोच लिया और दुपट्टे व गमछे से गला घोंटकर उसकी जान ले ली। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने शव को मृतक की ही कार की पिछली सीट पर रखा और उसे मंडीदीप ले जाकर लावारिस छोड़ दिया।
पुलिस की मुस्तैदी और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुनीता रावत के निर्देशन में एसडीओपी रोशन कुमार जैन के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी घनश्याम दांगी के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और एफएसएल व फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस की सक्रियता का ही परिणाम था कि अपराध पंजीबद्ध होने के मात्र 24 घंटे के भीतर ही पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त दुपट्टा, मृतक का गमछा और मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है।
माननीय न्यायालय ने भेजा पुलिस रिमांड पर
भेरूंदा पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी रजनी उईके, पूजा उईके, वीरेंद्र तुमराम, रामविलास उईके और भगवान सिंह उईके को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस ने हत्या की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ने और घटना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र करने के लिए आरोपियों के रिमांड की मांग की। मामले की गंभीरता और प्रारंभिक साक्ष्यों को देखते हुए माननीय न्यायालय ने आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए हैं। अब पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से इस हत्याकांड के अन्य संभावित पहलुओं पर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
