सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं माना श्रमिक लगाएंगे अवमानना याचिका

उज्जैन, अग्निपथ। विनोद मिल के 4 हजार 535 मजदूरों के परिवारों की उम्मीदों पर फिर से कुठाराघात हो गया है। सर्वोच्च न्यायालय के दिए गए 6 महीने में भी राज्यशासन ने मिल मजदूरों की रकम अदा नहीं की है।

विनोद मिल संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक गत दिवस श्रम शिविर कोयला फाटक पर हरीशंकर शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में वक्ता के रूप में ओमप्रकाश भदौरिया, संतोष सुनहरे, भूपेंद्र कुशवाह एड्वोकेट, प्रद्योत्त चंदेल, मेवाराम जी, लक्ष्मीनारायण रजक, अर्जुनलाल, फुलचंद मामा आदि शामिल हुए। विशेष अतिथि के रूप में लघु वेतन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण गुप्ता ने भी बैठक को संबोधित करते हुए अपना समर्थन व्यक्त किया।

उज्जैन मिल मजदूर संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश भदौरिया ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की दोबारा अवमानना किए जाने पर राज्य शासन की आलोचना की। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को 3 वर्ष होने पर भी भुगतान न होना संविधान एवं प्रजातंत्र का घोर अपमान है। यह अवमानना न्यायालय की गरीमा को ठेस पहुंचाने और न्याय व्यवस्था को कमजोर करने का दुस्सासह है।

अब मजदूरों की अंतिम उम्मीद सर्वोच्च न्यायालय है और वे टकटकी लगाए देख रहे है कि सर्वोच्च न्यायालय अपने निर्णय का राज्य शासन से कैसे और कब तक पालन करवा पाता है।

प्रद्योत्त चंदेल ने अपने वक्तव्य में कहा कि राज्य शासन उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना का आदी हो चुका है, उसे न्यायालय का कोई खौफ नहीं रह गया है। अब न्यायालयों को अपनी शक्तियों का एहसास कराना होगा।

अध्यक्षीय उद्बोधन में हरीशंकर शर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधि, सांसद और सत्ताधारी मजदूरों का भुगतान जमा न कर उनके हकों पर डाका डाल रहे हैं। राज्यशासन सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन कर रकम शीघ्र जमा कराए। दिन प्रतिदिन मजदूर रूपयों के अभाव में बीमार होकर मरते जा रहे है। यह मध्यप्रदेश की कैसी संवेदनहीन सरकार है।

संतोष सुनहरे ने कहा कि 27 फरवरी 2019 को सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यशासन को 2 वर्ष का पर्याप्त समय देते हुए 4 प्रतिशत व 2 प्रतिशत ब्याज के साथ पूरा भुगतान करने का आदेश दिया था। इन 2 वर्षो में सरकार हाथ पर हाथ धरे मौन बैठी रही। अवमानना याचिका लगोन पर 30 जुलाई 2021 को सर्वोच्च न्यायालय ने 10 प्रतिशत रकम जमा कराकर आगे समय न दिए जाने का आदेश लिखकर 6 माह में पूरा भुगतान करने का निर्णय दिया।

31 जनवरी 2022 का समय निकल गया और रकम जमा नहीं हुई। मजदूर भुगतान की आस में दम तोड़ते जा रहे है। यह सरकार की हठधर्मी और जनभावना का घोर अपमान है। संतोष सुनहरे ने जीवित एवं मृतक मिल श्रमिकों के परिवारों से आग्रह किया है कि वे अपने क्लेम एवं दस्तावेज मजदूर संघ श्रम शिविर कोयला फाटक पर अतिशीघ्र जमा कराए। सभा समाप्ति पर स्वतंत्रता संग्राम सैनानी स्व. अमृत लाल अमृत एवं वरिष्ठ पत्रकार स्व. रामचंद्र श्रीमाल को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

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