सीहोर, अग्निपथ। होटल क्रेसेंट में आयोजित छठे ‘सीहोर मेडिसिन अपडेट’ सम्मेलन में विशेषज्ञों ने आम नागरिकों के लिए जीवन रक्षक जानकारियां साझा कीं। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव मुक्त जीवन के जरिए हृदय रोग (हार्ट अटैक) और स्ट्रोक के खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विशेष रूप से हार्ट अटैक की स्थिति में तुरंत एस्पिरिन चबाने और बिना समय गंवाए अस्पताल पहुँचने को जान बचाने के लिए निर्णायक बताया गया।
हृदय रोगों से बचाव और कोलेस्ट्रॉल प्रबंधन
सम्मेलन के दौरान कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों ने बताया कि स्वस्थ हृदय के लिए लिपिड (कोलेस्ट्रॉल) का प्रबंधन अनिवार्य है। डॉ. राजीव गुप्ता ने कहा कि धूम्रपान व शराब से परहेज और चिकित्सकीय सलाह से दवाओं के माध्यम से एलडीएल (LDL) को नियंत्रित करना चाहिए। उच्च रक्तचाप (बीपी) की नियमित जांच को भी स्ट्रोक से बचने का सबसे प्रभावी तरीका बताया गया। वहीं, डॉ. विवेक कान्हारे और डॉ. निखिल पेंडसे ने हृदय के वाल्व रोगों के लिए आधुनिक पद्धतियों जैसे TAVI और रिपेयर तकनीक की जानकारी दी।
मधुमेह और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों पर चर्चा
एंडोक्राइनोलॉजी सत्र में डॉ. संदीप जुल्का ने गर्भवती महिलाओं में होने वाले मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज) के प्रति सचेत किया। उन्होंने बताया कि संतुलित आहार और व्यायाम से माँ और शिशु दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। डॉक्टरों ने सीकेएम (CKM) सिंड्रोम पर भी चिंता जताई और कहा कि जीवनशैली में बदलाव कर हृदय और गुर्दे से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को टाला जा सकता है।
150 चिकित्सकों की सहभागिता और आध्यात्मिक मार्गदर्शन
इस सम्मेलन में सीहोर, राजगढ़, देवास और शुजालपुर के लगभग 150 चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष डॉ. हीरा दलोद्रिया, सचिव डॉ. आर. के. वर्मा एवं डॉ. बी. के. चतुर्वेदी रहे। सम्मेलन की गरिमा तब और बढ़ गई जब प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने अपने आशीर्वचनों से चिकित्सकों को समाज सेवा के प्रति प्रेरित किया। सम्मेलन में न्यूरोलॉजी, मेडिसिन और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने भी अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए।
