बस ऑनर्स एसोसिएशन ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा
उज्जैन, अग्निपथ। मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के शुरू होने से पहले ही इसका विरोध शुरू हो गया है। लोक परिवहन की नई नीति से नाराज संभाग भर के बस संचालकों ने ऐलान किया है कि यदि 1 मार्च तक उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया तो 2 मार्च से उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में बसों का संचालन बंद कर संचालक अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
आंदोलन को लेकर प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन एवं सूचना पत्र दिया है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यत: तीन मांगे की गई है। पहले 24 दिसंबर 2025 के राजपथ में संशोधन के प्रारूप को वापस लिया जाए और 29 जनवरी 2026 को राजपाट में किए गए संशोधित प्रशासन को पूर्ण रूप से समाप्त किया जाए साथ ही वर्तमान में जिस अवस्था में बस संचालन किया जा रहा है उसे यथावत रखा जाए।
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश जटिया ने बताया कि सरकार चाहती है कि प्रदेश भर के सभी बस संचालकों के पद भी निरस्त कर कंपनी के नाम से बसों का संचालन कराया जाए इससे बस ऑपरेटर एस का अस्तित्व खत्म हो जाएगा एवं कई लोग बेरोजगार हो जाएंगे यात्रियों को किराया भी अधिक देना पड़ सकता है।
अपनी बातों को लेकर उज्जैन सहित प्रदेश भर के चोपन जिलों के पदाधिकारी की बैठक में विरोध की रणनीति बनाई गई है। सोमवार को प्रदेश भर के जिला मुख्यालय में बस एसोसिएशन द्वारा ज्ञापन एवं सूचना पत्र देकर 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया गया है।
हड़ताल हुई तो होली पर यात्रियों की फज़ीहत
उज्जैन जिले में 600 बसें संचालित होती है उज्जैन से इंदौर, देवास, शाजापुर आगर मालवा, रतलाम सहित देश के अन्य राज्यों में भी बसें संचालित होती है। इन बसों से रोजाना हजारों की संख्या में लोग यात्रा करते हैं। यदि बसों का संचालन बंद होता है तो यात्रियों की फज़ीहत हो जाएगी।
