प्रशासन को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
बड़नगर,अग्निपथ। डायवर्शन रोड से लगी नगर की प्रतिष्ठित सूर्यांश पेराडाईस कॉलोनी के रहवासी पिछले 12 वर्षों से मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन न तो कॉलोनाइजर और न ही प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है। इन समस्याओं से त्रस्त होकर, कॉलोनी वासियों ने एक बार फिर नगरपालिका अधिकारी को पत्र सौंपकर जल्द समाधान करने की मांग की है और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
मूलभूत सुविधाओं का टोटा
कॉलोनीवासी बलराम धूपड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि वे विगत 12 वर्षों से मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। कॉलोनीवासी नगरपालिका को समस्त प्रकार के कर का भुगतान करते हैं, फिर भी कोई सुविधा नहीं मिल रही है।
पेयजल संकट: कॉलोनी में पानी की टंकी और पाइपलाइन बिछी होने के बावजूद कॉलोनाइजर द्वारा पानी की सुविधा प्रदान नहीं की जा रही है। लोगों को पानी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ता है।
अंधेरे में कॉलोनी: यहाँ स्ट्रीट लाइटें तो लगी हैं, परंतु उनमें विद्युत सप्लाई नहीं है, जिसके कारण पूरी कॉलोनी में रात को अंधेरा पसरा रहता है। अंधेरे के कारण कॉलोनी वासियों को कई प्रकार के खतरे सहन करने पड़ रहे हैं, और कॉलोनी में 3-4 बार चोरी की घटनाएँ भी हो चुकी हैं।
सीवर और गंदगी: पूरी कॉलोनी में कचरा व गंदगी पसरी हुई है और उसकी साफ-सफाई नहीं हो रही है। नाली के चैंबर ओवरफ्लो होकर उनका गंदा पानी घरों में रिवर्स आ रहा है और रास्तों पर बह रहा है, जिससे पैदल चलने वालों को भारी परेशानी होती है। इसके अलावा, कई खुले पड़े चैंबरों में बच्चों के गिरने की आशंका बनी रहती है।
ठगा हुआ महसूस कर रहे रहवासी
रहवासियों ने बताया कि उन्हें मकान बनाने की अनुमति नगरपालिका से मिली थी और कॉलोनी शासन के नियमों से बनी है। लेकिन सुविधाएँ मांगने पर उनकी कॉलोनी को अवैध होने का ठप्पा लगा दिया जाता है, जिससे समस्त रहवासी अपने आप को ठगा सा महसूस करते हैं।
कॉलोनाइजर ने कॉलोनी के मेंटेनेंस के नाम पर सभी भूखंड धारियों से 10 प्रतिशत शुल्क लिया है, जिसका एक रुपया भी खर्च नहीं किया गया। विगत वर्ष 2018 से लगातार सभी कार्यालयों एवं जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन समस्याएँ ज्यों की त्यों बनी हुई हैं।
⚠️ आंदोलन की सीधी चेतावनी
पत्र में स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यदि मूलभूत समस्याओं का निराकरण समय पर नहीं हुआ, तो कॉलोनी वासियों द्वारा नगर पालिका का घेराव एवं उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसका समस्त उत्तरदायित्व संबंधित अधिकारियों पर रहेगा।
इस संबंध में पत्र की प्रतिलिपि विधायक, जिलाधीश, एवं एसडीएम को भी भेजी गई है।
