तहसीलदार नागर के हवाले किया, कलेक्टर से अनुमति लेकर सौंपेंगे सिख समाज को
रुनिजा (बडऩगर), अग्निपथ। ग्राम खेड़ावड़ा में वर्षो पुराने जीर्णशीर्ण हो चुके हनुमान मंदिर के जीर्णोद्वार को लेकर ग्रामवासियों ने सहयोग राशि एकत्रित कर कार्य प्रारंभ किया। मजदूरों द्वारा जब मंदिर की दीवार गिराई जा रही थी। उसी समय मंदिर की दीवार में बनी अलमारी में कपड़े में बंधा हुआ पंजाबी भाषा का ग्रन्थ मिला। इस बारे में मजदूरों ने मंदिर निर्माण समिति को बताया।
मंदिर समिति के सदस्य जगदीश धाकड़ ने बताया कि उक्त ग्रंथ देखने में पंजाबी भाषा में लग रहा था। जिसको लेकर पंजाब से आए हारवेस्टर चालक सरदार बंधुओं को बताया जिन्होंने बताया कि यह गुरु ग्रंथ साहिब हैं। साथ ही इसकी जानकारी अमृतसर गुरुद्वारे को दी।
वहीं इंदौर से 4-5 सिक्ख समाजजन आये जिन्होंने यह ग्रंथ उन्हें देने को कहा किन्तु मंदिर निर्माण समिति ने उन्हें बाद में ग्रंथ सौंपने की बात कही। इस बीच आपसी सहमति बनते ना देख निर्माण समिति के निर्णय अनुसार उक्त ग्रंथ का पंचायत प्रधान प्रतिनिधि अनोखीलाल राठौड़, उपसरपंच भरत पटेल, पूर्व जनपद सदस्य जगदीश धाकड़, प्रकाश पाटीदार, बद्रीलाल धाकड़ वर्तमान जनपद सदस्य ने पंचनामा बनाकर तहसीलदार सुरेश नागर को सौंपा।
जिसे एक बक्से में सम्मान के साथ रख दिया है। तहसीलदार नागर ने कहा कि जब सिख समुदाय के आवेदन पर जिलाधीश की अनुमति लेकर उक्त ग्रंथ उन्हें सौंप दिया जावेगा।