शासकीय भूमियों पर बिना अनुमति के निर्माण, शहर के बड़े नाले को भी नहीं छोड़ा

nala atikraman

थांदला। शासकीय भूमियों पर नगर परिषद ने बिना वैध अनुमति के निर्माण कार्य किये। उसके बाद से नगर में बिना वैध अनुमति के शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य करने का चलन बन गया है। नगर के विभिन्न स्थानों पर रिक्त शासकीय भूमियों पर लोग मनमाने तरीके से अतिक्रमण कर पक्के निर्माण कर रहे हंै तथा प्रशासन व नगर परिषद मूकदर्शक बनी हुई है।

ताजा मामला नगर के बायपास मार्ग पर निजी भूस्वामी अपनी भूमि के साथ समीप की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर वर्षों से बह रहे नाले को अवरुद्ध करने का प्रयास कर रहे हंै। जिसके संबंध में प्रशासन को शिकायत की गई उसके बाद भी कार्य बेरोकटोक जारी है। उक्त निर्माण कार्य के लिये कि भूस्वामियों द्वारा किसी भी प्रकार की शासकीय अनुमतियां प्राप्त नहीं की गई है।

निर्माणकर्ताओं द्वारा जिस नाले को अवरुद्ध किया जा रहा है वह वर्षों पुराना है। जिसके एक हिस्से पर नगर परिषद द्वारा महिला बाल विकास विभाग के पास दुकानों का निर्माण कार्य किया जा रहा था। जिसे अनुविभागीय अधिकारी के न्यायालयीन आदेश से रोक लगी हुई है।

उक्त नाला शासकीय सर्वे नंबर 336 में स्थित है। जिसम वर्तमान में नगर की नालियों का गंदा पानी बह रहा है तथा नाले का कुछ हिस्सा अन्य भूमि स्वामियों की भूमि में निकल रहा है। नाले पर बायपास निर्माण के समय एक पुलिया का निर्माण किया गया है। निर्माणकर्ता पुलिया के पास से ही निर्माण कार्य कर रहे है।

उक्त नाले के संबध मे मूर्तिपूजक जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष उमेश पीचा का कहना है कि उक्त नाला समाज की भूमि के पीछे शासकीय भूमि में पिछले 50 वर्षों से बह रहा है। जिसमे पूरे नगर का पानी समाहित होता है, एक अन्य भूस्वामी एडव्होकेट वीरेन्द्र बाबेल का कहना है कि उक्त नाले के समीप मेरे द्वारा वर्ष 2010 में भूमि क्रय की गई है। तब से ही उक्त नाला शासकीय भूमि में बह रहा है।

जबकि कस्बा पटवारी अशरफ खान का कहना है कि शासकीय रिकार्ड में नाला दर्ज नहीं है। किन्तु नाले पर निर्माण कार्य की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। चूंकि निर्माण कार्य बायपास मार्ग पर किया जा रहा है। इसलिये लोक निर्माण विभाग से भी अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया जाना था। किन्तु लोनिवि के उपयंत्री कृपालसिंह यादव ने बताया कि विभाग ने निर्माण संबंधी कोई अनापत्ति जारी नहीं की है।

वहीं नगर व ग्राम निवेश तथा नगर परिषद से भी निर्माण अनुज्ञा नहीं ली गई है। इतनी अनियमिताएं होने के बाद भी प्रशासन व नगर परिषद निर्माण कार्य रोक नहीं पाई। नगर के एक बड़े हिस्से कि नालियों का गंदा पानी तथा वर्षाजनित पानी भारी मात्रा में इस नालें में बहता है। उक्त नाले पर निर्माण कार्य नहीं रोका गया तो नगर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थितियां निर्मित होंगी और लोगों का माली नुकसान होगा।

इनका कहना

बायपास मार्ग पर शासकीय भूमि व नाले पर निर्माण कार्य की शिकायत प्राप्त हुई है। जांचकर उचित कार्रवाई की जावेगी। -ज्योति परस्ते, अनुविभागीय अधिकारी थांदला

शासकीय भूमियों का सीमांकन करवाया जा रहा है। शासन की भूमियों पर कब्जा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जावेगी। -शक्तिसिंह चौहान, तहसीलदार थांदला

बायपास मार्ग पर किसी भी निर्माण कार्य की अनुज्ञा जारी नहीं की गई। मामला संज्ञान में आया है संबधित को नोटिस जारी किया जा रहा है। -पप्पू बारिया, उपयंत्री नगर परिषद थांदला

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