नई दर्शन व्यवस्था के नाम पर नया कुछ भी नहीं, बस गेट को उलट-पुलट कर दिया

भस्म आरती वीआईपी गेट को निर्गम में बदला, 4 नंबर निर्गम गेट से वीआईपी को प्रवेश

  • यातायात पुलिस चौकी के सामने बेरिकेड लगाए
  • महाकालेश्वर मंदिर में हादसा होने के बाद गुरुवार से नई प्रवेश व्यवस्था लागू

उज्जैन, अग्निपथ। श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण सोमवार को हुए हादसे के बाद मंदिर प्रबंध समिति द्वारा गुरुवार से नई दर्शन व्यवस्था लागू की गई है। लेकिन तीन द्वार के आसपास होने के कारण यहां पर फिर से बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ कर हादसे को न्यौता दे सकती है। जिसका ध्यान अधिकारियों ने नहीं रखा है। केवल प्रवेश और निर्गम गेटों की अदला-बदली की है। दूसरे श्रावण सोमवार से पूर्व फिर से दर्शन व्यवस्था को बदला जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि विश्राम धाम के अंदर आने और जाने वाले श्रद्धालु एक दूसरे को क्रास कर रहे थे। जिसके चलते व्यवस्था में फेरबदल किया गया है।

श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण सोमवार को बड़ा हादसा होते बचा। श्रद्धालु बैरिकेड गिरा कर गिर गए थे। जिन पर यदि भीड़ चढ़ जाती तो बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता था। जिस पर मंथन करते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने मैराथन बैठक कर इस पर मंथन किया और गुरुवार से नई दर्शन व्यवस्था को मंदिर में लागू किया। हालांकि इस दर्शन व्यवस्था में खामी यह है कि तीनों गेट आसपास हैं। यहां पर यदि भीड़ एकत्रित हो जाती है तो उसको रोकना फिर से मुश्किल हो जाएगा। लेकिन इसके अलावा मंदिर प्रबंध समिति के पास अन्य कोई विकल्प नहीं है। जिसके चलते बुधवार को एडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी, सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल सहित अन्य अधिकारियों ने मंदिर का दौरा कर नई दर्शन व्यवस्था लागू की।

हादसे वाले गेट को बनाया निर्गम गेट

भस्मारती/वीआईपी गेट से जहां हादसे के पूर्व प्रोटोकॉल प्राप्त या वीआईपी श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा था। गुरुवार से नई व्यवस्था लागू करते हुए इसको निर्गम गेट बनाया गया है। वहीं चार नंबर गेट का जो निर्गम द्वार था उसको प्रोटोकॉल या वीआईपी गेट का प्रवेश द्वार बना दिया गया है। यहां से उनको प्रवेश दिया जा रहा है।

चार नंबर गेट से पूर्व की भांति ऑनलाइन बुकिंग श्रद्धालुओं और 250 रुपए शीघ्र दर्शन टिकट धारियों को प्रवेश दिया जा रहा है। इस तरह से गुरुवार से मंदिर प्रबंध समिति ने नई दर्शन व्यवस्था लागू की है। लेकिन जानकारी में आया है कि श्रावण सोमवार से पूर्व फिर से मंदिर प्रबंध समिति दर्शन व्यवस्था को बदल कर नई दर्शन व्यवस्था लागू कर सकती है। नई दर्शन लागू व्यवस्था के तहत बैरिकेड लगाकर श्रद्धालुओं को हरसिद्धि मंदिर से प्रवेश दिया जाएगा। यहां पर 10 अस्थाई काउंटर भी बनाए जा रहे हैं जो कि श्रावण सोमवार से पूर्व शुरू कर दिए जाएंगे।

श्रावण सोमवार से पूर्व शंख द्वार चालू होगा

श्रावण सोमवार से पूर्व मंदिर प्रबंध समिति ऑनलाइन बुकिंग श्रद्धालुओं और 250 रुपए शीघ्र दर्शन टिकट धारियों को शंख द्वार से प्रवेश देने पर विचार कर रही है। यहां पहुंच मार्ग सीमेंट कांक्रीट रोड का पूरी तरह से बन चुका है। लेकिन फिलहाल निर्गम गेट से लेकर धर्मशाला गेट तक का कुछ सडक़ निर्माण कार्य बाकी रह गया है। जिसको पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। संभवत: श्रावण सोमवार से पूर्व यह द्वार आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि भीड़ बढऩे पर हरसिद्धि से श्रद्धालुओं को बेरिकेड़ के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। आज से हरसिद्धि तक बेरिकेड़ लगाने का काम प्रारंभ कर दिया जाएगा।

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