उज्जैन में मौतें जहरीली शराब से नहीं बल्कि रसायन से हुईं

14 अक्टूबर 2020 में जिंजर कांड से हुई 12 मौतों का मामला; विधायक मावई के सवाल पर वाणिज्यक कर मंत्री का विधानसभा में जबाव

उज्जैन/भोपाल। वाणिज्यिक कर विभाग ने प्रदेश में पिछले एक साल में हुई जहरीली शराब से मौतों के मामले में उज्जैन शराब कांड को जहरीली शराब की वजह मानने से इनकार कर दिया है।

वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने इसे विधानसभा में भी स्वीकार किया है कि यहां जिन लोगों की मौत 14 अक्टूबर 2020 को हुई थी उसकी वजह जहरीली शराब नहीं बल्कि जहरीला रसायन है। यह रसायन कैसा था, इसकी जानकारी नहीं दी गई। इस घटना में 12 लोगों की जान गई थी।

विधानसभा में जहरीली शराब से हुई मौतों और मृतकों के परिजनों की आर्थिक मदद के मामले में विधायक राकेश मावई ने सरकार से जानकारी मांगी थी। इसके लिखित जवाब में आबकारी मंत्री देवड़ा ने कहा है कि उज्जैन में जहरीला रसायन 12 मौत की वजह बना है। उज्जैन जिले में घटित हुई घटना के लिये जिम्मेदार 18 आरोपियों के विरुद्ध उज्जैन पुलिस द्वारा कार्यवाही की गई।

उन्होंने कहा कि मुरैना जिले में जहरीली शराब पीने से 11 जनवरी 2021 को ग्राम छैरा, मानपुर, महावली, बिलैया का पुरा, हडबांसी, रैपुरा, छिछावली में कुल 25 व्यक्तियों की मृत्यु हुई। मुरैना जिले में जहरीली शराब से संबंधित घटना में पुलिस द्वारा 15 व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। यहां घटना के लिए एसपी, कलेक्टर को जिम्मेदार मानते हुए हटाया गया। वहीं एसडीओपी जौरा, थाना प्रभारी बागचीनी, प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी और आबकारी उपनिरीक्षक जौरा सस्पेंड किए गए थे। 4 आरोपियों के अवैध निर्मित मकानों को भी जिला प्रशासन द्वारा जमीदोज किया जा चुका है।

इसी प्रकार भिण्ड जिले में नकली शराब पीने से दो मौत हुई हैं। मंत्री ने बताया कि मुरैना की घटना में मृतकों के परिजनों को 6.38 लाख रुपए की सहायता दी गई। हाल ही में मंदसौर में भी जहरीली शराब से मौत हुई हैं।

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