अभा कालिदास समारोह का देवप्रबोधिनी एकादशी पर शुभारंभ, उद्घाटन समारोह में संस्कृति मंत्री बोलीं

कोरोना काल में परंपरा निभाने के लिए सरकार ने किया तीन दिवसीय आयोजन

उज्जैन। त्रिदिवसीय अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारम्भ देवप्रबोधिनी एकादशी पर बुधवार शाम पं.सूर्यनारायण व्यास सांस्कृतिक संकुल में किया गया। पर्यटन, संस्कृति एवं आध्यात्म मंत्री उषा ठाकुर ने इसका उद्घाटन किया। तथा अध्यक्षता म.प्र. शासन के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा की गई। सारस्वत अतिथि वरिष्ठ संस्कृत विद्वान् प्रो.मिथिलाप्रसाद त्रिपाठी इंदौर थे।

इस मौके पर मुख्य अतिथि ठाकुर ने कहा कि शासन ने कोरोनाकाल के बावजूद यह तय किया कि कालिदास समारोह की परम्परा टूटने न पाये। इसलिये सात दिनों की बजाय त्रिदिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि कवि कुलगुरू कालिदास पर व्याख्यान दिया जाये तो शब्द कम पड़ेंगे। संस्कृति मंत्री ने कहा कि देवभाषा संस्कृत के लोकव्यापीकरण के लिये प्रयास किये जाना चाहिये। संस्कृति मंत्री ने कार्यक्रम में शिवतांडव स्तोत्र की गाकर प्रस्तुति दी।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि महाकवि कालिदास ने अपने साहित्य में प्रकृति से लेकर परमात्मा तक का चित्रण किया है। उन्होंने विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति को कहा कि संस्कृति की इस नगरी में नाट्य पर विक्रम विश्वविद्यालय कोर्स प्रारंभ करे। डॉ. यादव ने संस्कृति मंत्री से आग्रह किया कि उज्जैन संभाग को धर्मस्व का संभाग भी बनाया जाये।

सारस्वत अतिथि डॉ. मिथिलाप्रसाद त्रिपाठी ने कवि कालिदास के साहित्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कालिदास की सात महत्वपूर्ण कृतियों पर केंद्रीत ग्रंथ कालिदास कलश सुषमा का विमोचन किया गया। विमोचन डॉ.योगेश्वरी फिरोजिया द्वारा करवाया गया। इस ग्रंथ में 500 से अधिक चित्रकृतियों का प्रकाशन किया गया है।

इसके पूर्व अतिथियों का स्वागत कालिदास संस्कृत अकादमी की निदेशक प्रतिभा दवे द्वारा किया गया। कुलपति प्रो.अखिलेश कुमार पाण्डेय ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में संभागायुक्त आनन्द कुमार शर्मा, कलेक्टर आशीष सिंह, पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष करण कुमारिया, रूप पमनानी, विवेक जोशी, संस्कृति विभाग के उप संचालक पीके झा, पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती, तिषाचार्य पं. आनन्दशंकर व्यास सहित गणमान्य अतिथि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन प्रो.शैलेंद्र कुमार शर्मा ने किया। आभार प्रदर्शन डॉ.संतोष पण्ड्या ने किया।

चित्र एवं मूर्तिकला की राष्ट्रीय प्रदर्शनी भी शुरू

शुभारंभ अवसर पर कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में मंत्री उषा ठाकुर ने महाकवि कालिदास की विश्वविख्यात कृति ऋतुसंहार पर आधारित चित्र एवं मूर्तिकला कृतियों की राष्ट्रीय कालिदास प्रदर्शनी का दीप शुभारम्भ किया। अतिथियों द्वारा प्रदर्शनी के ऑनलाइन अवलोकन हेतु यूट्यूब पर भी प्रदर्शनी का वीडियो अपलोड किया गया।

कालिदास प्रदर्शनी 1 दिसम्बर तक प्रतिदिन प्रात: 10 से रात्रि 8 बजे तक आमजन के लिए खुली रहेगी तथा यूट्यूब पर भी प्रदर्शनी का अवलोकन ऑनलाइन किया जा सकेगा। मंत्री ने अश्विनी शोध संस्थान की प्राचीन मुद्रा प्रदर्शनी का शुभारम्भ भी किया। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव, विधायक बहादुरसिंह चौहान, तिलकराज सोलंकी, प्रियंका नागर, सुदामा सखवार एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

Next Post

महाकाल, तेरी क्षिप्रा मैली रह गई भ्रष्टाचारियों के पाप धोते-धोते

Wed Nov 25 , 2020
उज्जैयिनी की प्राण वायु मोक्षदायिनी क्षिप्रा इन दिनों भाजपा के शासन काल में इंदौर के मल-मूत्र और केमिकल युक्त खान नदी के पानी से अपवित्र होकर अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रही है। 196 किलोमीटर लंबी क्षिप्रा नदी विध्यांचल पर्वत श्रृंखला में स्थित इंदौर के उज्जैनी मुंडला गाँव की ककड़ी […]