पांच दिन पहले खाद्य विभाग ने मारा था छापा
उज्जैन,अग्निपथ। प्रशासन ने गुरुवार सुबह गढक़ालिका क्षेत्र में एक मिर्ची पिसाई केंद्र को ध्वस्त कर दिया। वजह पांच दिन पहले कारखाने पर छापे के दौरान लिए सेंपल फैल होना है। नकली खाद्य सामग्री मामले में एक सप्ताह में दूसरी बड़ी कार्रवाई होने से मिलावटखोरों में हडक़ंप मच गया है।
गढक़ालिका मंदिर के पीछे राम प्रसाद चौहान की जमीन है। महेश पोरवाल ने वर्ष 2019 में तीन साल का अनुबंध कर उनसे जमीन ली और आयुष पिसाई केंद्र डाल दिया। यहां 21 नवंबर को एडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी ने खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के साथ छापा मारा था। यहां से करीब एक हजार किलो मिर्च व पावडर जब्त कर पांच सेंपल लेकर भोपाल प्रयोग शाला भेजे थे।
परीक्षण के बाद बुधवार को वहां से रिपोर्ट आई, जिसमें चार सेंपल अमानक व असुरक्षित बताए गए। नतीजतन प्रशासन ने सिंहस्थ भूमि पर बनाया अवैध कारखाना तोडऩा तय कर दिया। इसी के चलते गुरुवार सुबह एसडीएम आरएम त्रिपाठी पुलिस फोर्स और निगम का अमला जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे और कुछ ही घंटे में कारखाना धवस्त करवा दिया।
घातक पावडर बनाने के कारण गाज
छापे के दौरान कारखाने से घातक कलर भी मिला है। सेंपल में मिर्च पावडर बनाने में इसका उपयोग पाया गया। सेंपल फैल होने पर संभवत: एडीएम कोर्ट में केस ही चलता, लेकिन असुरक्षित मिर्ची पावडर बनाने के बनाने के प्रमाण मिलने पर प्रशासन ने कारखाने की कुंडली निकालकर उसे ध्वस्त करना तय किया।
एक सप्ताह में दूसरा कारखाना धाराशायी
सर्वविदित है पुलिस प्रशासन ने 20 नवंबर को उंडासा में हार्दिक मोदी की नकली मावा और घी बनाने का कारखाना पकड़ा था। यहां से बड़े पैमाने पर नकली मावा और घी मिले थे। प्रशासन ने सेंपल भरे थे। इस दौरान मोदी द्वारा पूर्व में भी नकली मावा व घी बनाने की जानकारी मिलने पर प्रशासन ने फैक्ट्री जमींदोज करवा दी।