बगैर सफाई के मंडी पहुंच मार्ग का डामरीकरण, 60 टन वजनी ट्राले गुजरने से जल्द खराब होने की आशंका
खाचरौद, अग्निपथ। लाखों रुपये की लागत से तैयार हो रहे कृषि उपज मंडी पहुंच मार्ग के डामरीकरण का काम बुधवार से शुरू हो गया है। भूमिपूजन के डेढ़ साल बाद शुरू हुए काम को निपटाने की इतनी जल्दी है कि ठेकेदार सडक़ निर्माण की गुणवत्ता को भी नजरअंदाज कर रहे हैं। शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों का रवैया भी ‘जो बने कर लो काम तो ऐसे ही होगा’ वाला है।
कृषि उपज मंडी पहुंच मार्ग का निर्माण मंडी निधि से स्वीकृत 17 लाख 60 हजार रुपए की लागत से किया जा रहा है। बुधवार को ठेकेदार ने निर्माण कार्य तो शुरू करा दिया लेकिन डामरीकरण से पहले न तो रोड और न ही सडक़ के किनारों की सफाई कराई गई। जिससे रोड की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन द्वारा रोड पर किये गये अतिक्रमण भी नहींं हटाये गये हैं। जबकी कार्य प्रारंभ करने के पूर्व सडक़ पर समुचित सफाई कराने के साथ ही अतिक्रमण भी हटाये जाने चाहिए थे। यह कार्य मंडी इंजिनियर की देख रेख में हो रहा है। इसके बाद भी इस पर को ध्यान नहीं है।
सडक़ निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखते हुए तय प्रक्रिया के हिसाब से काम न होने की जानकारी क्षेत्रवासियों ने जिला कांग्रेस महामंत्री मनोज मेहता को दी। मेहता ने मौके पर पहुंच देखा कि ठेकेदार द्वारा बिना साफ सफाई के कार्य किया जा रहा है। जिसकी शिकायत उज्जैन जिला कलेक्टर, खाचरौद एसडीएम व मंडी सचिव को की गई।
इस संबंध में मौके पर उपस्थित मंडी इंजिनियर त्रिपाठी से चर्चा कि तो उन्होंने कहा कि रोड ऐसे ही बनेगा, जहां शिकायत करना हो कर देवे। वहीं मंडी सचिव ने भी संतोषप्रद जवाब नहीं दिया। यह देख ऐसा लगता हे की पूरे कुंए में ही भांग घुली हुई है। ठेकेदार सडक निर्माण कार्य चंद घंटों में पूर्ण कर लीपापोती कर रफूचक्कर होना चाहता है।
18 माह पहले कांग्रेस शासनकाल में हुआ था भूमिपूजन
इस रोड के निर्माण का भूमिपूजन 5 मार्च 2020 को तत्कालीन कृषि मंत्री सचिन यादव व लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के मुख्य आतिथ्य व क्षेत्रीय विधायक दिलीप सिंह गुर्जर की अध्यक्षता में हुआ था। पर ठेकेदार ने मनमानी करते हुए 18 माह बाद कार्य प्रारंभ किया।
मेहता ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी से अवगत कराते हुए ठेकेदार व गैर जिम्मेदाराना बयान देने पर मंडी इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई कर सडक़ की गुणवत्ता में सुधार की मांग की है।