बच्चें के लिए महिला खरीदकर शोषण करने वाले वाले दंपत्ति धराए, तीन की तलाश

भाजपा समर्थित उपसरपंच है मुख्य आरोपी, साजिश, बंधक, दुष्कर्म, मारपीट व धमकी का केस दर्ज

उज्जैन, अग्निपथ। पिता बनने के लिए नागपुर से महिला खरीदकर दुष्र्कम के बाद नवजात शिशु छीन पीडि़ता को बीमारी हालत में भगाने के घटना में कार्रवाई शुरू हो गई। देवासगेट पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर गुरुवार डायरी कायथा थाने भेज दी। वहां पुलिस ने भाजपा संबंधित पूर्व उपसरंपच और उसकी पत्नी को हिरासत में लेकर तीन की तलाश शुरू कर दी।

कायथा स्थित ग्राम काठ बड़ौदा निवासी पूर्व उपसरंपच राजपालसिंह दरबार बच्चे के लिए करीब 16 माह पूर्व नागपूर से चंदा नामक महिला के जरिए युवती को खरीदकर लाया था। वह पत्नी चंद्रकांता जीजा वीरेंद्रसिंह व भांजे कृष्णपाल की मदद से युवती को घर में बंधक बनाया, मारपीट कर उससे दुष्कर्म करता रहा।

गर्भवती होने पर देवास के हॉस्पिटल में पत्नी चंद्रकाता का नाम लिखवाकर डिलेवरी करवाई और बच्चा होते ही उसे बीमार हालत में करीब पांच दिन पहले देवासगेट बस स्टैंड पर छोड़ दिया। टीआई राममुर्ति शाक्य ने युवती के थाने आने पर ईलाज करवाकर वन स्टॉप सेंटर भेज दिया।

महिला की खरीद-फरोख्त व बंधक बनाकर दुष्कर्म के बाद बच्चा छीनने का मामला सामने आने पर एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने पांचों के खिलाफ धारा 323, 344, 365, 376 ए, 377, 506 व 120बी में केस दर्ज कराया और मामला कायथा थाने का होने पर गुरुवार को डायरी वहां भिजवा दी। मामले में पुलिस ने राजपाल व उसकी पत्नी चंद्रकाता को हिरासत में ले लिया।

खुद का बच्चा दर्शाने के लिए षडय़ंत्र

बताया जाता है राजपाल के दो बच्चे थे, लेकिन पत्नी की नसबंदी के बाद दोनो की मौत होने पर बच्चे के लिए दंपति ने साजिश रची। योजना के चलते नागपुर की चंदा से मिले। उसने युवती को शादी का झांसा देकर राजपाल को बेच दिया। राजपाल ने नोटरी पर युवती से शादी दर्शायी और घर में बंधक बनाकर दुष्कर्म करता रहा। लोगों को इसकी भनक न लगे इसमें जीजा व भांजे ने भी भूमिका निभाई। दिखावे के लिए पत्नी गर्भवति होने का नाटक करती रही। बाद में युवती को छुपाकर देवास के हॉस्पिटल ले गया और पत्नी का नाम लिखाकर प्रसुति करवाई। याद रखे युवती से नोटरी पर शादी के लिए राजपाल ने पत्नी को तलाक नहीं दिया था।

खरीद-फरोख्त की जांच में जूटी पुलिस

पुलिस के अनुसार आरोपी और महिला की पहचान कैसे हुई और उन्हें किसने मिलवाया। दोनों की कथित शादी कराने में कौन शामिल हैं। इन बिंदुओं की जांच कर पता लगाएंगे की महिलाओं की खरीद-फरोख्त का रैकेट तो नहीं चल रहा। वहीं पुलिस महिला की डिलेवरी करवाने वाले डाक्टर पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी। वजह राजपाल ने उसे पत्नी बताते हुए दस्तावेज दिखाकर भर्ती कराया था। बताया जाता है कि युवती नागपुर के पास गांव की निवासी है। उसके माता-पिता नहीं हैं। वह 5 हजार रुपए महीने की नौकरी कर नाबालिग भाई का पालन पोषण कर रही थी।

इनका कहना है

आरोपी दंपत्ति को गिरफतार कर कायथा थाने में पूछताछ की जा रही है। मामले में एक महिला सहित तीन अन्य भी शामिल है। दो आरोपियों की तलाश में टीम नागपूर भेजी है। -सत्येंद्र कुमार शुक्ल,एसपी

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