प्रीपेड बूथ से लेकर हरसिद्धि मंदिर तक हारफूल वालों को हटाया
उज्जैन, अग्निपथ। श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तक जहां भीड़ का सैलाब सामान्य था, वहीं साल के सेकंड लास्ट दिन गुरुवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन को उमड़े। हालांकि गर्भगृह में प्रवेश 30 दिसम्बर से 3 जनवरी तक प्रतिबंधित किए जाने के चलते मंदिर प्रशासन को ज्यादा दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। लेकिन आगामी 5 जनवरी तक ऐसे ही भीड़ का सैलाब मंदिर में उमडऩे की संभावना है।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में अभी तक तो फिलहाल सामान्य और थोड़ी अधिक भीड़ भगवान महाकाल के दर्शन को पहुंच रही थी। लेकिन थर्टी फस्र्ट दिसम्बर के एक दिन पहले 30 दिसंबर से भीड़ का दबाव एकाएक बढ़ गया। यहां तक कि मंदिर परिसर में चारों ओर भीड़ ही भीड़ दिखाई दी। मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ द्वारा बार-बार मंदिर परिसर के छोटे मंदिरों में उमड़ रही भीड़ को कम करवाए जाने के प्रयास किए जाते रहे। सिद्धि विनायक मंदिर के पीछे स्थित हाल ही में खोले गए तिलक प्रसाद काउंटर पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दी। ऐसा ही नजारा अन्य छोटे मंदिरों पर भी लगा हुआ दिखाई दिया।
सडक़ को दुकानदारों से कराया खाली
श्री महाकालेश्वर मंदिर के सामने स्थित यातायात प्रीपेड बूथ से लेकर हरसिद्धि मंदिर तक तिलक छापे लगाने वाले और धागा कलावा सहित तस्वीरों की दुकान लगाने वाले दुकानदारों को जिला प्रशासन ने 29 दिसंबर को ही हटवा कर खाली करवा लिया था। हालांकि हारफूल दुकानदारों द्वारा विरोध किए जाने पर उनकी दुकानें सडक़ से काफी पीछे कर उनको राहत प्रदान की गई। दूसरे दिन 30 दिसंबर को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इस रोड पर नजर आई। दुकानदारों को यहां से हटाना श्रद्धालुओं के लिए काफी राहत भरा रहा।
गर्भगृह से दर्शन बंद, चांदी की सफाई शुरू
नववर्ष के आगमन को देखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा गर्भगृह, नंदीहाल सहित चांदी गेट पर लगी हुई चांदी को चमकाए जाने का कार्य गुरुवार से शुरू करवा दिया गया है। गुरुवार को ठेकेदार सुशील शर्मा द्वारा कर्मचारी दयाराम सिसौदिया, सतीश चौहान और प्रकाश जोगी को लेकर गर्भगृह की चांदी चमकाने का कार्य शुरू करवा दिया गया था। गर्भगृह बंद होने के चलते कर्मचारियों को सुगमता से कार्य करने का अवसर मिला।