कोवैक्सीन टीके से 2 से 18 साल के बच्चों में दिखी मजबूत प्रतिरक्षा

हैदराबाद। भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीआईएल) ने गुरुवार को घोषणा की कि बीबीवी152 (कोवैक्सीन) टीका बच्चों के मामले में चरण दो और चरण तीन के अध्ययन में सुरक्षित और अच्छी प्रतिरक्षा उपलब्ध कराने वाला साबित हुआ है।

टीका निर्माता ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि भारत बायोटेक ने 2-18 वर्ष की आयु के स्वस्थ बच्चों और किशोरों में कोवैक्सीन संबंधी सुरक्षा, प्रतिक्रिया और प्रतिरक्षण क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए चरण दो और तीन का बहुकेंद्रीय अध्ययन किया था।

प्रबंध निदेशक कृष्णा एला ने कहा, बच्चों में कोवैक्सीन का चिकित्सीय परीक्षण डेटा बहुत उत्साहजनक है। बच्चों के लिए टीके से संबंधित सुरक्षा महत्वपूर्ण है और हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि कोवैक्सीन अब बच्चों में सुरक्षा एवं प्रतिरक्षण क्षमता के लिहाज से बेहतर साबित हुआ है। हमने अब वयस्कों और बच्चों के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी कोविड-19 टीका विकसित करने के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है।

इस साल जून-सितंबर के बीच बच्चों पर किए गए टीके के चिकित्सीय परीक्षणों में मजबूत सुरक्षा और प्रतिरक्षा दिखी है। अक्टूबर 2021 के दौरान इसका डेटा केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) को सौंपा गया था और हाल ही में भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने 12-18 आयु वर्ग के बच्चों के लिए कोवैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की अनुमति प्रदान कर दी थी। विज्ञप्ति में कहा गया कि अध्ययन में किसी गंभीर प्रतिकूल घटना की सूचना नहीं मिली।

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