काला गेट रजिस्टर में 40 श्रद्धालुओं की एंट्री!

नोटिस देने के बाद बचाव की तैयारी, सीसीटीवी फुटेज पर हो कार्रवाई

उज्जैन, अग्निपथ। श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार की शाम को मंदिर के सहायक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा 40 जनरल श्रद्धालुओं को बिना प्रोटोकाल टिकट कटाए गणपति मंडपम की पहली रैलिंग से दर्शन कराए जाने मामले में नोटिस दिए जाने के बाद अब बचाने की तैयारी की जाने लगी है। बताया जाता है कि इसके लिए काला गेट पर रखे रजिस्टर में इन श्रद्धालुओं की एंट्री कर दी गई है। मंदिर प्रशासन को सीसीटीवी फुटेज देखकर सख्त कार्रवाई करना चाहिए।

मंदिर के सभामंडप से जलद्वार के पास स्थित कालागेट से उन श्रद्धालुओं प्रवेश दिया जाता है, जिनके पास 100 रुपए की प्रोटोकाल अथवा 250 रुपए का शीघ्र दर्शन टिकट होता है। ऐसे में मंदिर के नियमों को तो तोड़ा ही गया दूसरी ओर मंदिर के राजस्व का नुकसान भी किया गया।

ज्ञातव्य रहे कि जनप्रतिनिधियों के परिचित, ज्यूडिशियल सहित प्रशासनिक वर्ग के अधिकारियों को भी ये टिकट खरीदना अनिवार्य किया गया है। बिना इसके कोई भी मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकता। ऐसे में इन श्रद्धालुओं को बिना टिकट प्रवेश कराया जाना जिला और मंदिर प्रशासन के नियमों की घोर अवहेलना है।

गलत दिशा से कराया प्रवेश

वहीं दूसरी ओर गलत दिशा नंदीहाल में लगे काउंटर की ओर से रैलिंग से प्रवेश कराना भी सहायक प्रशासनिक अधिकारी आरपी गेहलोत के जी का जंजाल बन सकता है। लेकिन इसका भी तोड़ निकाल लिया जाएगा। मंदिर के अधिकारी सत्ता पक्ष से जुड़े एक कद्दावर नेता के निकट हैं। जिसके चलते ऐसा नहीं लगता है कि मंदिर प्रशासन उन पर कार्रवाई कर सकता है। यदि ऐसा किया जाता है तो यह मंदिर इतिहास में पहली बार होगा कि जब किसी अधिकारी पर कार्रवाई की गई हो।

क्या है मामला

शुक्रवार की शाम को सहायक प्रशासनिक अधिकारी आरपी गेहलोत ने जनरल लाइन से आए 40 के लगभग श्रद्धालुओं को नंदीहाल काउंटर के पास से विपरीत दिशा में प्रवेश कराने का प्रयास किया। इस दौरान वहां पर तैनात गार्ड ने इसका विरोध किया। लेकिन उसको अपने अधिकारों का रूवाब दिखाकर और धकिया कर इन श्रद्धालुओं को गणपति मंडपम की पहली रैलिंग से प्रवेश करा दिया।

गार्ड ने यह होता देखकर अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। गार्डों ने इसकी प्रशासक को इसकी लिखित शिकायत की थी। वहीं इन श्रद्धालुओं द्वारा 100 और 250 रुपए की टिकट को भी नहीं लिया गया था। जिसके चलते मंदिर की गाइड लाइन का उल्लंघन हुआ।

हैदराबाद के श्रद्धालु ने ई-रिक्शा किया दान

हैदराबाद से पधारे श्रद्धालु शमी झा ने मन्दिर में दर्शन-पूजन किया। सहायक प्रशासनिक अधिकारी आरके तिवारी ने उन्हें मंदिर के प्रकल्पों की जानकारी दी व अन्नक्षेत्र का अवलोकन कराया। उनको दान हेतु प्रेरित करने पर मंदिर को लोडिंग ई-रिक्शा प्रदान किये जाने हेतु स्थानीय डीलर को अग्रिम भुगतान किया गया।

प्रसाद वितरण इकाई प्रभारी कमलेश सिसौदिया भी उपस्थित थे। इसी तरह इंदौर के एक यजमान द्वारा भगवान महाकाल को चांदी के 21 बिल्वपत्रों की माला, रुद्राक्ष के पेंडल सहित अर्पित किए गए। मंदिर के ओएस प्रेम उदेनिया ने श्रद्धालु का सम्मान किया।

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