18 महीने में बनने वाली पुलिया साढ़े तीन साल बाद भी अधूरी

कायथा, अग्निपथ। प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही का एक नायाब नमूना कायथा के समीपस्थ ग्राम नलेश्री में देखने को मिल रहा है। जहां पर बन रही पुलिया साढ़े तीन साल बाद भी अधूरी है। 18 महीने की तय समय सीमा से काफी ज्यादा वक्त गुजरने के बाद भी पुलिया निर्माण को पूरा करवाने के लिए किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने अभी तक पहल नहीं की है।

ग्राम नलेश्री से अकालिया एवं सुतारखेड़ा गांव को जोडऩे वाले मार्ग पर छोटी कालीसिंध नदी बहती है। पूर्व में ग्राम वासियों द्वारा जनप्रतिनिधियों प्रशासनिक अधिकारियों से नदी पर पुलिया निर्माण को लेकर अपनी मांग रखी थी। गांव वासियों की मांग थी कि नदी में पानी होने की वजह से 6 महीने रास्ता बंद रहता है। इस वजह से बीमार मरीजों गर्भवती महिलाओं को कायथा-देवास मुख्य मार्ग पर लाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। इसके साथ ही हाई स्कूल में पढऩे के लिए गांव के बच्चों को नलेश्री आना पड़ता है ।ऐसे में बच्चो को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं।

रोजमर्रा के किराना, सामान पशुपालकों द्वारा दूध को डेयरी तक पहुंचाने आदि के लिए जिंदगी दाव पर लगाना पड़ती थी। इन्हीं सब समस्याओं को लेकर ग्राम वासियों मांग पर कालीसिंध नदी पर पुलिया निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। कार्य को 18 महीने में पूर्ण होना था लेकिन दो गुना से ज्यादा समय बीतने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा है एवं ग्राम वासियों को जान जोखिम में डालना पड़ रही है। इस मामले में जवाबदेह जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारी खामोशी भी समझ से परे है जल्द ही अगर पुलिया निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं हो तो ग्रामवासी आंदोलन करेंगे।

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