शिवरात्रि पर उज्जैन में 18000 ब्राह्मण परिवार दीप उत्सव मनाएंगे

brahmin samaj baithak shivratri ke liye

समाज की बैठक में लिया गया फैसला

उज्जैन अग्निपथ। उज्जैन सीमा में निवासरत सभी 18000 ब्राह्मण परिवार 1 मार्च को शाम 7 बजे से अपने घरों पर 21 दीपक लगाकर दीप उत्सव में शामिल होंगे। साथ ही किसी एक प्रमुख स्थान पर सामाजिक रुप से उपस्थित होकर उत्सव में भाग लेंगे। उक्त फैसला

अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के कार्यकारिणी सदस्यों पदाधिकारी तथा विभिन्न उपवर्गों के पदाधिकारी तथा महिला इकाई तीर्थ इकाई सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारी संगठन सक्रिय सदस्यों की एक आवश्यक बैठक में लिया गया। बैठक अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुरेंद्र चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई, इसमें शिवरात्रि महापर्व पर दिव्य महाकाल भव्य उज्जैनी कार्यक्रम तथा कोरोना महामारी में मृत परिजनों की विधिक कानूनी सहायता अभियान तथा ब्रह्म शक्ति आशीर्वाद संपर्क यात्रा तथा पौधारोपण अभियान की समीक्षा आदि विषयों को लेकर संपन्न हुई।

साथ ही बैठक में कोरोना महामारी में मृत्यु पर परिवारों को विधिक सहायता दिलाए जाने हेतु कि शिविर लगाकर सहायता करने का निर्णय लिया गया साथी मार्च माह में ब्रह्म शक्ति आशीर्वाद यात्रा प्रारंभ करने का निर्णय भी लिया गया ।

इन्होंने दिये सुझाव

बैठक में महिला प्रदेश इकाई के अध्यक्ष निशा त्रिपाठी, शिवनारायण शर्मा, योग गुरु मिलिंद त्रिपाठी, अरविंद उपाध्याय, विरेंद्र त्रिवेदी, अनुराग शुक्ला, श्रीमती शीला व्यास, रत्ना राहुल व्यास, श्रीमती ममता उपाध्याय, श्रीमती कविता शर्मा ,श्रीमती इंदिरा त्रिवेदी, श्रीमती मोहिनी दुबे, श्रीमती समता पटेल, श्रीमती लता शर्मा, विजय पटेल, शैलेश दुबे, यश जोशी ,गौरव उपाध्याय, महेंद्र उपाध्याय ,राकेश तिवारी, मनीष शर्मा ,अभिषेक शर्मा ,उमेश शकरगाये, राजेश पुरोहित, श्रीमती लता शर्मा, रमाकांत शर्मा, कृष्णकांत पंड्या, रामगोपाल शर्मा ,योगेश शर्मा ,प्रभा कांत शर्मा, अमित मिश्रा, रोहित शर्मा ,दिनेश रावल, देवेंद्र पंचोली, आदि ने उपस्थित होकर महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

बैठक का संचालन नगर अध्यक्ष विनय कुमार ओझा ने किया तथा आभार अधिकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ के संभागीय अध्यक्ष राजेश पुरोहित ने माना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

हम चुप रहेंगे ( 14 फरवरी 2022)

Sun Feb 13 , 2022
दु:ख … प्रभु जाको दारूण दु:ख देहि/ ताकि मति पहले हर लेहि। बाबा तुलसीदास ने यह कटू सत्य हजारों साल पहले लिखा था। जिसका सीधा अर्थ है। प्रभु अगर दु:ख देता है तो बुद्धि पहले बिगाड़ देता है। कुछ ऐसा ही अपने फूलपेंटधारी के साथ हो सकता था। बाबा के […]

Breaking News