उज्जैन, अग्निपथ। विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में महा शिवरात्रि पर्व की शुरुआत सोमवार से हो चुकी है। महा शिवरात्रि तक रोजाना 9 दिनों तक महाकाल के अलग अलग श्रृंगार किये जाएंगे। सांयकाल 4 बजे बाबा महाकाल का भांग,मावा और ड्राय फ्रूट से श्रृंगार किया गया। इस दौरान बाबा को सिल्क का सोला धारण कर चाँदी की मुण्डमाल अर्पित की गयी।
नौ दिन तक चलने वाले शिवरात्रि पर्व के पहले दिन बाबा ने निराकार से साकार रूप में दर्शन दिए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। पंडित प्रदीप गुरू ने बताया की महा शिव नवरात्री पर्व सिर्फ महाकाल मंदिर में ही मनाया जाता है। जिसमें नौ दिनों तक ये उत्सव मंदिर में रहता है। पहले दिन भगवान महाकाल के दर्शन करने से श्रद्धालु जन्म और मृत्यु के विलय के बंधन से मुक्त हो जाता है।
सुबह 9 बजे नैवेद्य कक्ष में चंद्रमौलिश्वर रूप में पूजन किया गया,उसके बाद कोटितीर्थ के समीप स्थित भगवान कोटेश्वर व रामेश्वर महादेव का अभिषेक पूजन किया।
महाकाल मंदिर के पुजारी पं. प्रदीप गुरू ने बताया कि शिव नवरात्रि में मंदिर में बाबा महाकाल और माता पार्वती के विवाहोत्सव का उल्लास रहता है। शिव नवरात्रि के पहले दिन प्राचीन परंपरा के अनुसार पूजन अर्चन किया गया। 9 दिनों तक भगवान शिव की साधना और तप के रहेंगे।