उज्जैन, अग्निपथ। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग(पीएचई) के एक मीटर रीडर को नगर निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता की अनुशंसा के बाद कलेक्टर आशीष सिंह ने निलंबित कर दिया है। मीटर रीडर जगदीश नामदेव के खिलाफ निलंबन की यह कार्यवाही हुई है।
पीएचई के उपखंड क्रमांक 1 में पदस्थ जगदीश नामदेव का मूल पद मीटर रीडर है लेकिन उन्हें यहां बड़े बाबू(वरिष्ठ लिपिक) का दर्जा मिला हुआ था। शहर में जहां कहीं कोई भी नया निर्माण करता है तब नगर निगम की अनुज्ञा प्राप्त करने के लिए लोगों को पीएचई सहित अन्य विभागों का नो-ड्यूज सर्टिफिकेट भी देना होता है।
पीएचई का नो ड्यूज सर्टिफिकेट(एनओसी) देने का काम बड़े बाबू जगदीश नामदेव के पास ही था। पीएचई में पिछले कुछ महीनों में 820 लोगों ने एनओसी के लिए आवेदन किया था। इनकी एनओसी बनी भी लेकिन लोगों को दी नहीं गई। जगदीश नामदेव एनओसी तैयार होने के बावजूद लोगों को चक्कर लगवाता रहा।
नामदेव के खिलाफ हुई एक शिकायत के बाद नगर निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता ने उपायुक्त नीता जैन से मामले की जांच करवाई। उपायुक्त के जांच प्रतिवेदन पर आयुक्त ने जगदीश नामदेव के निलंबन का प्रस्ताव कलेक्टर को भेजा था। जगदीश नामदेव के स्थान पर अब एनओसी जारी करने का काम इलेक्ट्रिशियन हेमंत गौरे को सौंपा गया है।
हेमंत गौरे भी 3 अप्रैल से 14 दिन के अवकाश पर जा रहे है। इस अवधि में एक प्रयोगशाला सहायक के पास एनओसी जारी करने का प्रभार रहेगा।