प्रशासक के निर्देश पर सहायक प्रशासक ने सामने खड़े होकर प्रवेश अवधि से पूर्व दर्शन कराये शुरू
उज्जैन, अग्निपथ। श्री महाकालेश्वर मंदिर में काफी समय बाद मंदिर प्रशासन ने आम श्रद्धालुओं का प्रवेश गर्भगृह से शुरू करवाया। आम श्रद्धालुओं ने प्रवेश शुरू होता देखकर प्रसन्नता व्यक्त की और मंदिर प्रशासन को साधुवाद दिया। यह काफी समय बाद है जब आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह से दर्शन करवाए गए हों। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने के बावजूद दर्शन गर्भगृह से नहीं कराये जा रहे थे। दैनिक अग्निपथ ने इस मामले को मंगलवार के अंक में उठाते हुए दर्शन शुरू करने पर जोर दिया था।
मंगलवार को दोपहर 12.50 बजे आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश कराने की शुरुआत कर दी गई थी। इसके पूर्व सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल नंदीहाल पहुंचे और उन्होंने मंदिर के सुरक्षा कंपनी के सुपरवाइजर को बैरिकेड लगाने के निर्देश प्रदान किये। पश्चात मंदिर की सुरक्षा की क्यूआर टीम के सुरक्षाकर्मी वहां पहुंचे और उन्होंने तेजी से बैरिकेड लगाने की व्यवस्था शुरू की। तुरंत आम श्रद्धालुओं का कतार में लगाकर प्रवेश शुरू करवा दिया गया। मंदिर के गर्भगृह में सहायक प्रशासक श्री जूनवाल खुद खड़े होकर व्यवस्था का जायजा लेते रहे। मंदिर के गर्भगृह में नंदीहाल में कार्यरत महिला कर्मचारियों को लाइन चलाने के काम पर लगाया गया था। गर्भगृह निरीक्षक विनोद चौकसे और अन्य सुरक्षाकर्मी भी आम श्रद्धालुओं की कतार लगातार आगे बढ़ाने का काम करते रहे।
आम श्रद्धालुओं का प्रवेश चौथी बार
ज्ञात रहे कि आम श्रद्धालुओं का प्रवेश विगत 4 माह में केवल सोमवार को चौथी बार कराया गया है। कलेक्टर ने पूर्व में आदेश जारी किये थे कि दोपहर 1 से 4 बजे तक भीड़ कम होने के बाद प्रतिदिन प्रवेश की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसका ट्रायल वसंत पंचमी को किया गया था। महाशिवरात्रि पर्व के बाद लगातार भीड़ मंदिर में बनी हुई थी, लेकिन बीच-बीच में भीड़ का दबाव कम भी हो जाता था। लेकिन प्रवेश शुरू नहीं कराया जाता था। ऐसे में महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन पर आरोप लगने लगे थे कि कमाई के चक्कर में 1500 रुपए अभिषेक रसीद धारियों को ही मंदिर के गर्भगृह से प्रवेश कराया जा रहा है और आम श्रद्धालुओं को इससे वंचित रखा जा रहा है।
समय परिवर्तित रखेंगे
जानकारी में आया है कि मंदिर प्रशासन द्वारा दोपहर 1 से 4 का समय आम श्रद्धालुओं के गर्भ गृह प्रवेश के लिए सुनिश्चित किया हुआ है। लेकिन प्रवेश शुरू होने की खबर के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच जाते हैं। ऐसा इसलिये होता है कि वहां पर मौजूद श्रद्धालु, कर्मचारी अपने परिचितों को सूचित कर देते हैं।
ऐसे में मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में आम श्रद्धालु जुट जाते हैं और मंदिर प्रशासन को दर्शन बंद करना पड़ते हैं। लेकिन अब मंदिर प्रशासन दोपहर 1 से 4 बजे के बीच कभी भी आम लोगों के लिए गर्भगृह से प्रवेश शुरू करवा देगा, जो कि औचक रहेगा। ऐसे में उन श्रद्धालुओं को निराशा प्राप्त होगी। जो कि प्रतिदिन आकर महाकाल दरबार में भीड़ बढ़ाते हैं।