वन स्टेशन-वन प्रोडक्ट योजना रेलवे स्टेशनों पर लागू

उज्जैन स्टेशन में लगाये भैरवगढ़ प्रिंट के विभिन्न उत्पादों के स्टॉल

उज्जैन, अग्निपथ। स्थानीय उत्पादों को आम जनता के मध्य प्रोमोट करने के लिए वर्ष 2022-23 के सामान्य बजट में घोषित वन स्टेशन-वन प्रोडक्ट को भारतीय रेलवे द्वारा लागू कर दिया गया है। इसके तहत भारतीय रेलवे संबंधित स्टेशन के आस-पास के स्थानीय उत्पादों को प्रमोट करने के लिए 15 दिवसीय पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ 08 अप्रैल, 2022 को किया गया।

जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने बताया कि इस पायलट प्रोजेक्ट को और प्रभावशाली बनाने के लिए ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ के फेज-2 के तहत इसमें पुन: 15 दिनों का विस्तार किया गया है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूह या स्थानीय संगठन द्वारा अपने उत्पादों का विवरण देकर स्टेशन पर 15 दिनों के लिए स्टॉल लगा सकता है।

इसमें रजिस्ट्रेशन के रूप में उन्हें मात्र एक हजार रुपए रेल प्रशासन के पास जमा करने होंगे। इस योजना में स्थानीय खानपान के सामान, हैंडिक्राफ्ट, हैंडलूम, स्थानीय कलाकृतियॉं, स्थानीय खिलौने, चमड़े का सामान, स्थानीय पोशाक, पारंपरिक उपकरण या सामान, प्रसंस्कृत या अर्द्ध प्रसंस्कृत फुड आयटम सहित अन्य वस्तुएं जो उस विशिष्ट क्षेत्र से संबंध रखते है, को शामिल किया गया।

इस योजना के अंतर्गत सामग्री या उत्पाद के विक्रय के लिए आवेदक या विकास आयुक्त हस्तशिल्प/विकास आयुक्त हथकरघा या केन्द्र सरकार द्वारा जारी कारीगर, विवर कार्ड धारक, ट्राईफेड में पंजीकृत कारीगर, बुनकर, शिल्पकार या स्वयं सहायता समूह में पंजीकृत या एम.एस.एम.ई. में पंजीकृत होना चाहिए।
इस योजना के तहत जो भी संस्था या स्वयं सहायता ग्रुप में शामिल होना चाहता है, संबंधित स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक को अपना आवेदन एवं रजिस्ट्रेशन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। इस प्रकार के स्टॉल लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क के अतिरिक्त किसी प्रकार का अन्य शुल्क नहीं लिया जाएगा।

वर्तमान में रतलाम मंडल के उज्जैन एवं दाहोद स्टेशन पर ‘वन स्टेशन-वन प्रोडक्ट’ का स्टॉल कार्यशील है। उज्जैन स्टेशन पर भैरवगढ़ प्रिंट के विभिन्न उत्पादों के स्टॉल तथा दाहोद स्टेशन पर आदिवासी समाज के पारंपरिक कपड़े एवं अन्य सामानों के स्टॉल लगाए गए हैं। उक्त दोनों स्टॉलों पर यात्रियों का काफी अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

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