उज्जैन में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की आमसभा में दोहरा मापदंड
उज्जैन, अग्निपथ। नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी महेश परमार का प्रचार करने आए पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के दौरे में दौहरा रवैया अपनाया गया है। कमलनाथ ने 3 घंटे के उज्जैन प्रवास के दौरान दो जगहों पर आम लोगों को संबांधित किया। शहर के धनाड्य वर्ग के लोगों के लिए उनका कार्यक्रम देवासरोड की एक होटल के ए.सी. हॉल में रखा गया था जबकि आम गरीब तबके के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए शहीद पार्क में सडक़ पर आमसभा का आयोजन किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सुबह करीब 11 बजे उज्जैन पहुंचे। यहां आते ही वे सबसे पहले महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन किए, इसके उपरांत उन्होंने देवासरोड की एक होटल के हॉल में शहर के धनाड्य वर्ग के लोगों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में चुनींदा लोगों को ही आमंत्रित किया गया था। इसके बाद कमलनाथ ने शहीद पार्क पर कांग्रेस के आम कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

उज्जैन में कमलनाथ को याद आया छिंदवाड़ा मॉडल
मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ प्रदेश में कहीं भी रहे, किसी भी सभा में रहे-छिंदवाड़ा का जिक्र उनकी जुबां पर आ ही जाता है। उज्जैन में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ नगर निगम के महापौर प्रत्याशी महेश परमार का चुनाव प्रचार करने आए थे लेकिन उन्हें याद छिंदवाड़ा ही रहा। मंच से कमलनाथ ने कहा कि हमने छिंदवाड़ा में कोरोना संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी नहीं आने दी। यकींन नहीं आता तो वहां के लोगों से जाकर पूछिए।
इंदौर का महापौर कैसा हो?
नगर निगम चुनाव को कांग्रेस नेताओं ने कितनी गंभीरता से लिया है, इसका एक उदाहरण भी मंगलवार को सामने आया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साले और भाजपा से बागी होकर कांग्रेस के मंच पर अहम जगह पाने वाले संजय सिंह मसानी को उज्जैन में आमसभा की तैयारियों के लिए भेजा गया था। कमलनाथ की मंच पर मौजूदगी के दौरान संजय सिंह मसानी भीड़ से नारे लगवाते रहे- इंदौर का महापौर कैसा हो..मंच पर मौजूद लोगों ने उन्हें बताया भाई साहब आप इंदौर में नहीं उज्जैन में है। तब उन्होंने अपनी गलती सुधारी।
उमस और गर्मी में परेशान होते रहे लोग

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की सभा में सीएम की सभा से ज्यादा भीड़ दिखाने के लिए कांग्रेस ने सभी पार्षद प्रत्याशियों को टारगेट दिया था। इस टारगेट को पूरा करने के चक्कर में निचली बस्तियों में रहने वाले सैकड़ो लोगों को सुबह 10 बजे से ही गाडिय़ों में बैठाकर शहीद पार्क पर लाना शुरू कर दिया गया था। इनमें बड़ी संख्या महिलाओं की थी। उमस और गर्मी से परेशान महिलाओं के लिए शहीद पार्क पर पीने के पानी की व्यवस्था तक नहीं थी।
फिर सामने आया रूखा व्यवहार
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में 15 महीने के कार्यकाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पर एक आरोप लगता रहा है, आरोप यह था कि वे अपने ही कार्यकर्ताओं को ज्यादा भाव नहीं देते। शहीद पार्क की सभा में मंच पर भी उनका यहीं रवैया सामने आया। वरिष्ठ नेत्री माया राजेश त्रिवेदी कुछ महिलाओं को कमलनाथ से मिलाने पहुंची तो खुद कमलनाथ ने ही उनसे कह दिया-बाद में मिलेंगे। पार्षद प्रत्याशी जितेंद्र तिलकर, मोती भाटी और पारू गिरजे कमलनाथ से मिलने पहुंचे तो कमलनाथ ने सिक्योरिटी गार्ड को बोलकर इन्हें खुद से दूर करवा दिया।