4 जून से बडऩगर जेल में बंद, बिना प्रचार के 81 मतों से जीत दर्ज की
उज्जैन, अग्निपथ। हाल ही में पंचायत चुनाव के प्रथम चरण के चुनाव संपन्न हुए कई जगह से मारपीट और बूथ केप्चरिंग की खबरे आई लेकिन उज्जैन जिले के बडऩगर जनपद की झालरिया ग्राम पंचायत से ऐसी खबर आई जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। दरअसल सरपंच पद पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी जेल में बंद था। उसने जेल में रहते ही चुनाव जीत लिया।
उज्जैन जिले की बडऩगर जनपद के गांव झलारिया पंचायत में प्रत्याशी अनवर कप्तान ने जेल में रहते हुए चुनाव जीत लिया । इस पंचायत में त्रिकोणीय मुकाबला था। इसमें एक प्रत्याशी अनवर कप्तान गत 4 जून से जमीन विवाद के मामले में बडऩगर की जेल में बंद है। उनके पिछले कार्यकाल को देखते हुए जनता ने उन्हें अपनी पंचायत का सरपंच चुनते हुए 81 मतों से जीत दिलाई है ।
पंचायत चुनाव के नामांकन जमा करने की आखरी तारीख 6 जून थी और जमीन विवाद मामले में अनवर को न्यायालय ने 4 जून को जेल भेज दिया था। लेकिन इससे पहले उसने अपना नामांकन जमा कर दिया था। इस कारण उसे पंचायत चुनाव लडऩे का मौका मिल गया।
बिना प्रचार के ही जीत दर्ज
अनवर कप्तान अब सरपंच बन गए है। हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा होना बाकी है। लेकिन अनवर को जानने वाले बताते है की कबड्डी में पंचायत का नाम रोशन करने से अनवर के प्रति ग्रामीणों में सहानुभूति थी। इसलिए पहले भी उन्होंने चुनाव जीता था । अपने कार्यकाल के दौरान अनवर ने गांव में कई विकास कार्य कराएं, जिससे ग्रामीणों का अनवर के प्रति विश्वास और बढ़ गया। जिसके चलते ग्रामीणों ने उस पर भरोसा जताया और जेल में रहने के बावजूद भी उसने जीत दर्ज की।