महाकाल मंदिर: आगामी दिनों में दर्शन व्यवस्था में होगा बदलाव

पंडे पुजारी के यजमान और विशेष प्रोटोकाल को मिलेगा 1500 की विशेष दर्शन टिकट से गर्भगृह में प्रवेश

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकाल मंदिर में आगामी चार दिनों में दर्शन व्यवस्था में खासा बदलाव देखने को मिलेगा। दैनिक अग्निपथ की खबर के बाद प्रशासक संदीप सोनी ने रविवार को दर्शन व्यवस्था का निरीक्षण किया और बदलाव के लिये आवश्यक निर्देश अपने अधीनस्थों को दिये। उन्होंने विशेष तौर पर गणपति मंडपम और कार्तिकेय मंडपम से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल के दर्शन हों इसको लेकर दर्शन व्यवस्था में बदलाव के संकेत दिये हैं।

रविवार को प्रशासक संदीप सोनी, सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल और प्रतिक द्विवेदी के साथ मंदिर की दर्शन व्यवस्था का निरीक्षण करने के लिये दोपहर में पहुंचे। यहां पर उन्होंने चांदी गेट पर लाइन में लगे 1500 रुपये विशेष दर्शन टिकटधारियों की लाइन देखी। उन्होंने गेट निरीक्षक और अन्य कर्मचारियों से भी इस संबंध में बातचीत की। उन्होंने श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगा देखकर कहा कि चांदी गेट से गर्भगृह गलियारे में केवल 5 श्रद्धालुओं को छोड़ा जाय। दर्शन के पश्चात फिर से यही प्रक्रिया दोहराई जाय।

प्रशासक ने चलाई लाइन

प्रशासक जलद्वार से गर्भगृह दहलीज पर भी पहुंचे। यहां पर भी विशेष दर्शन टिकटधारियों की लंबी लाइन लगी हुई देखी। उन्होंने यहां पर खड़े होकर दर्शन व्यवस्था का जायजा लिया और दर्शन में बाधा बन रहे श्रद्धालुओं को अपने हाथों से आगे की ओर निकाला। काफी समय तक दर्शन व्यवस्था का जायजा लेने के बाद उन्होंने नंदीहाल की व्यवस्था का मुआयना किया।

नंदी के पीछे खड़े नहीं हो पायेंगे धर्मालु

प्रशासक श्री सोनी ने नंदीहाल की दर्शन व्यवस्था का भी जायजा लिया। इस दौरान कुछ श्रद्धालु नंदी महाराज के पीछे बैठकर खड़े होने लगे। यह देखकर उन्होंने नंदीहाल प्रभारी अधिकारी को बुलाया और नंदी के पीछे से लेकर पंडे पुजारियों के बैठने वाले पाटले तक दोनों ओर से बेरिकेड लगाने को कहा। ताकि गणपति मंडपम और कार्तिकेय मंडपम से दर्शन कर रहे श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल के आसानी से बिना किसी बाधा के दर्शन हो सकें।\

पहली प्राथमिकता कार्तिकेय मंडपम से दर्शन कर रहे श्रद्धालु

दैनिक अग्निपथ संवाददाता से इस दौरान बातचीत में उन्होंने बताया कि आगामी तीन से चार दिनों में दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया जाना है। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता सामान्य श्रद्धालुगण हैं जोकि कार्तिकेय मंडपम से दर्शन कर रहे हैं। दर्शन के दौरान गर्भगृह से दर्शन कर रहे श्रद्धालु बाधा न बन पायें ऐसे प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि 1500 रुपये विशेष दर्शन टिकटधारियों की संख्या में कमी की जायेगी। विशेष दर्शन टिकट केवल पंडे पुजारियों और विशेष प्रोटोकाल प्राप्त को ही मिल पायेगी। नंदीहाल में श्रद्धालु खड़े हो जाते हैं, ऐसे में पीछे से दर्शन करने वालों को भगवान महाकाल एक झलक तक नहीं मिल पाती है। नंदी के पीछे दोनों ओर से बेरिकेड लगा दिये जायेंगे ताकि श्रद्धालु नंदी के ठीक पीछे नहीं बैठ पाये।

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