नलखेड़ा, अग्निपथ। बिजली की हाईटेंशन लाइन से कनेक्शन काटने के दौरान विद्युत कंपनी के कर्मचारी की मौते के मामले में कोर्ट ने कंपनी के इंजीनियर को दोषी माना है। इंजीनियर को दो साल के कठोर कारावास की सजा न्यायाधीश मोहित माधव ने सुनाई है।
एडीपीओ सुरेश नरगावे ने बताया कि वर्ष 2015 में आरोपी इंजीनियर रविराज दहीवाल ने बिजली कंपनी के कर्मचारी राजेश, गोविंद, रोहित को उपभोक्ताओं से बिजली बिल की बकाया वसूली करने के लिए बुलाया था। सभी कर्मचारी बकाया वसूली के लिए नगर में निकले इस दौरान भैसोदा बस स्टैंड पर आरोपी रविराज ने भैसोदा कॉलोनी की लाइन काटने के निर्देश दिए। इस पर गोविंद ने बोला कि राकेश लाइन काट देगा। लेकिन आरोपी नहीं माना और उसने लाइन काटने के लिए लाइन के पास गाड़ी ले जाने के लिए कहा, उधर गाड़ी में पोल पर चढऩे के लिए सीढ़ी के अलावा कोई विद्युत सुरक्षा उपकरण नहीं था, न ही लाइन काटने संबंधित परमिट लिया गया था।
इंजीनियर रविराज ने राजेश को 11के.वी. की लाइन काटने का आदेश दिया। जैसे ही राजेश लाइन काटने के लिए विद्युत पोल पर चढ़ा, करंट लगने से उसका हाथ जल गया और वह विद्युत पोल पर से नीचे गिर गया। इलाज के दौरान राजेश की मृत्यु हो गई थी। उक्त प्रकरण में न्यायालय द्वारा एडीपीओ सुरेश कुमार नरगावे के तर्को से सहमत होकर अभियुक्त को 2 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 500 रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया। प्रकरण में महत्वपूर्ण सहयोग एडीपीओ नरगावे, थाना मुंशी जितेंद्र राजपूत, कोर्ट मोहरीर राधेश्याम रांगोटा के द्वारा किया गया।