ग्रीन एरिया बनाने की कवायद, यूडीए के रह रहे श्रमिकों की झोपडपट्टी हटाई
उज्जैन, अग्निपथ। महाकाल विस्तारीकरण के दूसरे फेज का काम शुरू कर दिया गया है। स्मार्ट सिटी द्वारा महाकाल नि:शुल्क अन्नक्षेत्र हटाने का वर्क आर्डर जारी कर दिया गया है। यहां पर ग्रीन एरिया विकसित किया जायेगा। ऐसे में अब किसी भी दिन अन्नक्षेत्र हटा दिया जायेगा। लेकिन इसकी वैकल्पिक व्यवस्था कहां पर की जायेगी। इस बारे में किसी को भी कुछ नहीं मालूम।
ज्ञात रहे कि दीनदयाल अंत्योदय योजना का भोजन सहित आने वाले श्रद्धालुओं के लिये भोजन यहीं पर बनता है और महाकाल लोक में बन रहे अन्नक्षेत्र का निर्माण पूरा होने में अभी चार से पांच महीने का समय बाकी है।
महाकाल विस्तारीकरण के दूसरे फेज का कार्य शुरू हो गया है। जिसके तहत महाराजवाड़ा स्कूल से लेकर महाकाल नि:शुल्क अन्नक्षेत्र तक विस्तारीकरण कार्य किया जायेगा। स्मार्ट सिटी द्वारा अन्नक्षेत्र को हटाने के लिये वर्क आर्डर जारी कर दिया गया है। जेसीबी को प्रवेश करवाने के लिये बकायदा रास्ता भी बना दिया गया है। ऐसे में अन्नक्षेत्र को जमींदोज कर दिया जायेगा तो प्रतिदिन 2 हजार लोगों के लिये बनाया जाना भोजन कहां पर बनाया जायेगा। ज्ञात रहे कि अन्नक्षेत्र से सरकारी योजना दीनदयाल अंत्योदय योजना भी संचालित की जा रही है।
जिसमें ्रप्रतिदिन शहर के पांच सेंटरों पर 800 लोगों का भोजन यहां से भेजा जा रहा है। ऐसे में अन्नक्षेत्र को डिस्मेंटल किया गया तो यह व्यवस्था कहां पर जुटाई जायेगी। वैसे भी महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन के पास फिलहाल ऐसी कोई जगह नहीं है। जहां पर अन्नक्षेत्र को वैकल्पिक रूप से स्थानांतरित किया जा सके?
नये अन्नक्षेत्र को बनने में लगेंगे 3-4 महीने
महाकाल लोक में नया अन्नक्षेत्र का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। अभी तक इसकी दो मंजिल का कार्य पूर्ण हो चुका है। एक मंजिल का निर्माण कार्य अभी शेष बचा हुआ है। इसका निर्माण पूरा होने में 3 से 4 महीने लग सकते हैं। यहां पर हजारों लोगों को एकसाथ बैठाकर भोजन करवाने की पूरी व्यवस्था रहेगी। लेकिन फिलहाल निर्माण कार्य अधूरा होने से अन्नक्षेत्र को यहां पर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता।
यूडीए के श्रमिकों के निवास हटाये
महाकाल विस्तारीकरण के तहत महाकालेश्वर मंदिर के अंदर का कार्य उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) देख रहा है। यहां के ठेकेदार के श्रमिकों ने निवास अन्नक्षेत्र के पीछे की ओर बनाकर रखे थे। इन अस्थाई निवासों को विस्तारीकरण कार्य के तहत हटा दिया गया है। यहां से जेसीबी निकालने के लिये रास्ता भी बना दिया गया है। बताया जाता है कि छोटे रूद्रसागर की ओर से विस्तारीकरण का कार्य शुरू किया जायेगा। यहां पर स्थापित एमपीईबी ग्रिड को भी हटाया जायेगा।