साहब के पापा से मेरे संबंध अच्छे है, कोई काम हो तो बताना, वाह पटवारी साहब…

पेटलावद, अग्निपथ। राजस्व विभाग ऐसा विभाग है जो सभी विभागों का प्रमुख होने के साथ ही साथ तालमेल बनाने के लिए जाना जाता है। राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ही वह कर्मचारी होते हैं जो मॉनिटरिंग के साथ जनता से जुड़े रहते हैं। जनता की समस्याओं और जनता के कामों को देखने के लिए राजस्व विभाग में रीढ़ की हड्डी होती है। पटवारी वह शख्स होता है जो लोगों के काम बना और बिगाड़ सकता है, लेकिन इन दिनों पेटलावद की राजस्व विभाग में सब कुछ ठीक -ठाक नहीं चल रहा है। इन दिनों पेटलावद का एक पटवारी लोगों और सरकारी कर्मचारियों के बीच खासा चर्चित होकर चर्चा का विषय बना हुआ है। आलम यह है कि यहां पर भी बिना लिए दिए काम आसानी से संभव नहीं है। आजकल तो एक पटवारी के नाम की कुछ ज्यादा ही चर्चा आम हो रही है।
सभी पटवारी इसकी जेब में…
इस चर्चित पटवारी के बारे में बताया जाता है कि पटवारी आज-कल कुछ अपने करीबी पटवारियों को मन पसंद हल्के दिलवाने का काम कर रहा है और कहते है कि साहब के पापा से मेरी बहुत अच्छी है किसी का कोई भी काम नहीं रुकेगा। आखिर पटवारी किस प्रकार के काम साहब से पापा की आड़ में करवाना चाहता है।

जारी है लेन-देन…
कहने को तो राजस्व विभाग के आला अधिकारी ईमानदार कर्तव्यनिष्ठ है लेकिन इन अधिकारियों के नाम पर इन पटवारी महोदय के द्वारा लेन-देन भी किया जा रहा है साहब सीसी टीवी कैमरे जरूर लगे हुए है जिनका डर तो है लेकिन आजकल लेनदेन कार्यालय के बाहर हो रहा है । सुशासन मतलब बिना लेनदेन के काम करना है लेकिन इसके विपरित यहां तो सब कुछ उल्टा हो रहा है ओर यह आसानी से हर किसी से सुना जा सकता है की मेहनत के तो लगेंगे।
अव्यवस्थित तहसीलदार का कार्यालय…
इसके अलावा बात करें तहसील कार्यालय की तो यहां के कर्मचारियों ने कार्यालय की जो दुर्गति की है उससे न सिर्फ प्रतिदिन ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोग परेशान हो रहे हैं बल्कि अधिकारियों का कामकाज में पूरा ठप हो गया है कर्मचारियों से काम लेना और कसावट लाना उसके आला अधिकारी पर निर्भर करता है लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के ध्यान नहीं देने से तहसील कार्यालय बिल्कुल और व्यवस्थित हो गया है यदि जल्द ही सुधार नहीं किया गया तो पूरी व्यवस्था चरमरा जाएगी। चलते चलते आपको यह भी बता दे कि जिम्मेदार अधिकारियों की हलके के पटवारी भी नहीं सुन रहे हैं और कई ऐसे काम जो पटवारी की ड्यूटी में शामिल है वह काम भी पटवारी नहीं कर रहे हैं जिसके चलते पेटलावद तहसील कार्यालय का सारा कामकाज धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है जनता सोच रही है कि अधिकारी और कर्मचारी पटवारी रोज बैठकर कर रहे हैं लेकिन इन बैठकों का कोई परिणाम जनता के हित में तो दिखाई नहीं दे रहा है क्योंकि क्षेत्र की जनता लगातार अपने छोटे-मोटे कामों को लेकर परेशान हो रही है ऐसे में प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान के द्वारा प्रदेश की जनता के सारे काम जल्दी निपटाने की जो घोषणा है वह इन अधिकारी कर्मचारियों पटवारी से कैसे संभव हो पाएगी यह विचार जनता के मन में चल रहा है।

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