कैदी को सेल में बंद करवाकर वसूले थे ८० हजार
उज्जैन, अग्निपथ। डीपीएफ कांड के आरोपी जगदीश की मुसीबत बढ़ती नजर आ रही है। अब तक खुद को बेगुनाह बता रहे जगदीश के खिलाफ शनिवार को एसपी सचिन शर्मा के आदेश पर ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज किया गया है,जिसमें एक प्रहरी भी शामिल है। आरोप है कि दोनों ने जेल में बंद एक कैदी के परिजनों को सेल में बंद कराकर ८० हजार रुपए वसूले थे।

केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में २० अप्रैल २०१८ से इंदौर स्थित ग्राम पागनिसपागा निवासी टिंकू उर्फ गुरमीतसिंह राणा हत्या के केस में सजा काट रहा है। उसके के पुत्र करणसिंह ने शनिवार को एसपी शर्मा से शिकायत की। बताया कि २८ अक्टूबर २०२२ को जगदीश परमार ने उसके पिता को पिटवाकर सेल में बंद करवा दिया था। बदले में ३० हजार रुपए देनेे पर सेल से बाहर निकलवाया। ३ जनवरी २०२३ को प्रहरी देवेंद्र सिंह चौहान ने फिर टिंकू को सेल में डालने की धमकी देकर ५० हजार रुपए वसूले।
दोनों घटनाओं में जगदीश व देवेंद्र द्वारा रुपए मांगने की कॉल रिकार्डिंग, पेटीएम और अकाउंट में रुपए ट्रांसफर करने के प्रमाण देख एसपी शर्मा ने भैरवगढ़ थाने में दोनों पर ब्लैकमेलिंग व धमकाने का केस दर्ज करवा दिया। याद रहे जेल के ६८ कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते से १३.५४ करोड़ रुपए का गबन करने के केस में जगदीश परमार ३ अप्रैल तक रिमांड पर है। पुलिस देवेंद्र को भी जल्द गिरफ्त में लेगी।
कल खुलेंगे उषाराज के लॉकर
गबन कांड मेंं रिमांड पर चल रही पूर्व जेल अधीक्षक उषाराज व जगदीश अब भी पुलिस को बरगलाने रहे है। जगदीश के खाते में ट्रांजेक्शन निकलने व उषाराज द्वारा संपत्ति खरीदने के प्रमाण के बावजूद बरामदगी में अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। इसलिए पुलिस ने कोर्ट से उषाराज के बैंक लॉकर खोलने की अनुमति ले ली और सोमवार को उसके लॉकर खोले जाएंगे। याद रहे मामले में जेल भेजे गए सटोरिए रोहित चौरसिया, रिंकू मांदरे, हरीश गेहलोद से भी मात्र ४ लाख रुपए जब्त हुए हैं।
एक और धराया
सीएसपी अनिल सिंह मोर्य ने उषाराज के लॉकर खोलने के संबंध में जानकारी देने के साथ बताया कि गबन कांड में एक सटोरिए धर्मेंद्र को पकड़ा है। मामले में पांचवा सटोरिया गिरफ्तार हुआ है। उल्लेखनीय है कि गबन कांड में पुलिस सटोरिए सुशील परमार, पिंटू तोमर,अमित मीणा,ललित मंगेश,प्रहरी शैलेंद्र सिंह सिकरवार व धर्मेद्र लौधी को तलाश रही है।