पार्श्वनाथ सिटी के रहवासी घरेलू विद्युत कनेक्शन के लिए बैठे अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल पर

विद्युत मंडल के अधिकारियों के अडिय़ल रूख के कारण नहीं दिए जा रहे कनेक्शन

उज्जैन, अग्निपथ। पार्श्वनाथ सिटी के रहवासी घरेलू विद्युत कनेक्शन की मांग को लेकर 26 जुलाई से कॉलोनी के बाहर अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए। भूख हड़ताल मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अडिय़ल रुख के कारण की जा रही है। कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित नियम के बाद भी मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अधिकारी उनके आवेदन नहीं ले रहे हैं और कॉलोनी के आंशिक विद्युतीकरण के लिए कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं।

प्रथम दिन कॉलोनी के आलोक शर्मा, मनीष शर्मा, संजय ज्ञानी, योगेश येवले, हेमंत काकानी, ताराचंद सूर्यवंशी, नीरव शाह व विष्णु स्वामी क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे। रहवासियों ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह से समस्या का हल करने की अपील करते हुए कहा कि मामाजी से एक ही पुकार विद्युत कनेक्शन देकर करो उद्धार”। समर्थन करने के लिए संपूर्ण कॉलोनी की महिलाये कंडील लेकर धरना स्थल पर पँहुची व उत्साह बढ़ाया।

कॉलोनी के रहवासी एवं क्रमिक भूख हड़ताल के संयोजक एडवोकेट आलोक शर्मा ने बताया कि 1078 भूखंड वाली इस कॉलोनी में वर्ष 2010 एवं 2014 में नगर निगम द्वारा विकास कार्यों का पूर्णता प्रमाण पत्र दिया गया और इसके बाद यहां पर लगभग 300 लोग मकान बनाकर रह रहे है। नगर निगम द्वारा दिए गए झूठे प्रमाण पत्र से यहां के लोगों को बिजली के संकट का सामना करना पड़ रहा है।

अब राज्य विद्युत नियामक ने मई 2022 में नियम बनाकर राजपत्र में प्रकाशित किया है कि ऐसी कॉलोनी जिनका विद्युतीकरण किसी भी कारण से नही हुआ है वहां के रहवासियों से प्रति किलोवाट 6750 रूपये अधिभार लेकर विद्युतीकरण कर घरेलू विद्युत कनेक्शन दिया जाए। इसके चलते यहां के लोगों में अत्यधिक परेशानी हो रही है और क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए है।

कॉलोनी के मनीष शर्मा ने इस संबंध में बताया कि यंहा के रहवासी चाहते हैं कि हमारे जनप्रतिनिधि राज्य सरकार के बनाए हुए कानून का पालन एमपीइबी से करवाए। अधिकारी कोई बहानेबाजी न करें। रहवासी सोसाइटी ने लिखकर दे दिया है कि सभी रहवासी से पैसा लिया जाए। रहवासी संजय ज्ञानी ने कहा कि पाश्र्वनाथ डेवलपर की जमीन बड़ा ग्रिड बनाने के लिए नगर निगम के पास बंधक रखी है। जिसकी गाइड लाइन कीमत 20 करोड़ है। लेकिन बाजार मूल्य कम होने से बिक नही रही है। जब मूल्य बढ़ जाएगा तब जमीन बेच कर बड़ा ग्रिड बनाया जा सकता है।

रहवासी हेमंत काकानी ने कहा कि एमपीइबी के अधिकारियों के अडिय़ल रुख़ और हमे अंधकार से मुक्ति दिलवाने के लिए यंहा के मंत्री, महापौर, विधायक आगे आएं। ये तीनों रहवासी सोसाइटी के पक्ष में एमपीईबी के आला अधिकारियों को पत्र लिखे, मुख्यमंत्री से मदद दिलवा कर हमारी मदद करें। शहर के जनप्रतिनिधियों को आगे बढक़र हमारी सहायता करना चाहिए। उन्होंने कहा यह धरना समस्या समाप्त होने तक जारी रहेगा।

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