बारिश से शिप्रा नदी के मंदिर डूबे, छोटे पुल पर चार फीट पानी बह रहा
उज्जैन, अग्निपथ। मानसून के सक्रिय होने के बाद मध्यप्रदेश में इन दिनों झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। उज्जैन सहित आसपास के जिलों में हो रही बारिश के कारण रविवार को शिप्रा नदी उफान पर आ गई। शिप्रा नदी के तट पर स्थित मंदिर भी डूब गए। प्रशासन ने घाट की ओर जाने वाले मार्ग बेरिकेट्स लगाकर प्रतिबंधित कर दिए है। वहीं बडनग़र मार्ग की छोटी रपट से पानी करीब चार फीट ऊपर बह रहा है। हालांकि सिस्टम के कमजोर पडऩे के कारण रविवार को बारिश का गेप हो गया।
मध्यप्रदेश में एक बार फिर सक्रिय हुए मानसून से झमाझम बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे के दौरान अंचल के इंदौर और उज्जैन जिले में आस-पास के क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते शिप्रा नदी का जलस्तर रविवार सुबह बढ़ गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण अब नदी के आसपास स्थित कई मंदिर जलमग्न हो गए है।
वहीं प्रशासन ने नदी के घाट की ओर आम लोगों की आवाजाही को भी बेरिकेट्स लगाकर प्रतिबंधित कर दिया है। घाट के आसपास भी सुरक्षा के लिए होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि, प्रदेश में साइकोनिक सर्कुलेशन अब थोड़ा कमजोर हो गया है। 12-13 सितंबर से एक बार फिर से मानसूनी सिस्टम एक्टिव होगा। इससे 18-20 सितंबर तक बारिश का दौर चलता रहेगा।
छोटा पुल से चार फीट बह रहा है पानी: शिप्रा नदी के उफान पर आने के बाद नदी पर बडनग़र मार्ग को जोडऩे वाला का छोटा पुल डूब चुका है। पुल पर करीब चार फीट पानी बह रहा है। प्रशासन ने पुल की ओर जाने वाले मार्ग में भी बेरिकेट्स लगा दिए है। जलस्तर बढऩे के कारण शिप्रा के घाट भी जलमग्न नजर आ रहे हैं। नदी के आसपास तैनात होमगार्ड जवानों को लाइफ जैकेट व अन्य साधन दिए गए है। मौसम विभाग नेें आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके बाद स्थिति और बिगडऩे की संभावना है।
अब तक 35 इंच बारिश दर्ज हुई
बारिश के दुसरे दौर में बारिश का आंकड़ा करीब 35 इंच पर पहुंच गया है। वेधशाला के अधीक्षक डॉ आरपी गुप्त ने बताया कि शनिवार शाम को 5 बजे से रविवार को सुबह 8 बजे तक 28.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है। मानसून के दौर में अब तक 888.6 मिलीमीटर करीब 35 इंच बारिश वेधशाला में दर्ज की गई है।