एसी बस से इंदौर जा रहे हैं तो पहले बस और स्टॉफ जरूर चैक कर लें, नहीं तो होना पड़ सकता है परेशान
उज्जैन, अग्निपथ। अगर आप एसी बस से इंदौर जा रहे हैं तो पहले बस की कंडीशन और स्टॉफ को जरूर चैक कर लीजिए अन्यथा आपका सफर दुखदायी साबित हो सकता है। कहने को तो यह एसी बस हैं, लेकिन हालत बहुत ही खराब हैं।
रविवार को सुबह 11.40 बजे शांति पैलेस चौराहा से इंदौर रवाना हुई निजी एसी बस में यात्रा करने वालों का सफर इन्ही कारणों से खराब हुआ है। बस में मौजूद कंडक्टर की बदतमीजी पूर्ण हरकत के कई यात्री शिकार हुए।
बस का कांच टूटा, एसी भी स्लो
एसी बस की खिडक़ी का कांच टूटा था, उसे फ्लैक्स से ढाका गया था। एसी स्लो होने और सवारी ओवरलोड होने के कारण बस के अंदर घुटन-सा माहौल था। कुछ यात्रियों ने तबियत बिगडऩे की शिकायत की तो कंडक्टर उन्हें धमकाते हुए बोला जिसकी भी तबियत खराब है सांवेर में उतर जाओ। मैं कुछ नहीं कर सकता। इंदौर पहुंचने पर एक महिला यात्री को उसने अरविंदो अस्पताल के स्टॉप की जगह एक किमी आगे रेड सिग्नल पर उतारा। जब महिला यात्री ने नाराजगी जाहिर की तो उनके साथ भी कंडक्टर का व्यवहार आपत्तिजनक रहा। महिला यात्री चुपचाप अपमान सहन कर अपने छोटे से बच्चे के साथ बस से उतर गई।
सुविधा के नाम हो रही है ठगी
एसी बस के नाम पर बस ऑपरेटर यात्रियों से 100 रुपए प्रति यात्री किराया वसूल रहे हैं। दावा किया जाता है कि एसी बस समय पर इंदौर पहुंचायेगी, नॉन स्टॉप जायेगी और यात्रियों को असुविधा नहीं होगी। लेकिन बस न तो नॉन स्टॉप थी और न ही समय पर इंदौर पहुंचाया। साधारण बसों की तरह ही एसी बस ने भी डेढ़ घंटे में इंदौर पहुंचाया और सुविधा के नाम पर अपमानित जरूर किया गया।
आरटीओ ने कहा-चैक करेंगे फिटनेस
इस मामले में आरटीओ संतोष मालवीय का कहना है कि बसों की फिटनेस चैक करने की मुहिम जल्दी शुरू की जायेगी। कमी पाये जाने पर चालानी कार्रवाई की जायेगी।