उज्जैन, अग्निपथ। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने दिल्ली में किसानों के द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान उसके हिसंक होने के लिए केंद्र की सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने रहस्योद्घाटन करते हुए कहा कि किसानों के द्वारा गिरफ्तार किए गए 15 लोगों के पास सरकारी परिचय पत्र मिले हैं जिसकी जांच कर उनके नाम उजागर किए जाना चाहिए।
दिग्विजय सिंह बुधवार को आलोट जाने के पूर्व यहां मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि नई दिल्ली के अंदर पुलिस के द्वारा जो मार्ग प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया था उसे ऐन वक्त पर बदल दिए जाने के कारण किसान उग्र हो गए। उन्होंने कहा कि 2 महीने से जो आंदोलन शांतिपूर्ण आंदोलन चल रहा था वह आंदोलन हिंसक कैसे हो सकता है उन्होंने कहा है कि सरकार के द्वारा तीन रूट प्रदर्शन के लिए तय किए गए थे परंतु अचानक रूट में परिवर्तन कर दिया गया इसकी वजह से किसान उग्र हो गए उन्होंने कहा है कि इस हिंसा के पीछे केंद्र सरकार जिम्मेदार है।
तिरंगे झंडे पर आरएसएस से नहीं पूछा
किसान आंदोलन के दौरान लाल किले पर खालसा पंथ का झंडा लहराए जाने पर उन्होंने कहा कि साथ में तिरंगा झंडा सबसे ऊपर था। उसके बाद उन्होंने खालसा पंथ का झंडा लगाया होगा। साथ ही उन्होंने मीडिया से कहा है कि कभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी तो पूछिये जो 1947 के बाद से लगातार तिरंगे झंडे का अपमान कर उनका खुद का झंडा राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर लगाता और झंडावंदन करता आ रहा था।
प्रदेश में शराब बन्दी पर तीनों नेता बैठ कर तय करें
पिछले दिनों उमा भारती के द्वारा प्रदेश में शराब बंदी लागू किए जाने की मांग पर दिग्विजय सिंह ने कहा है कि प्रदेश के तीन नेताओ को बैठ कर तय करना होगा कि शराबबंदी प्रदेश में लागू रहेगी या बंद की जाएगी। क्योंकि नरोत्तम मिश्रा बोल चुके हैं कि शराब की दुकान प्रदेश में बढ़ाई जाना चाहिए, जबकि मुख्यमंत्री इस पर मौन है और उमा भारती बोल रही है कि शराबबंदी प्रदेश में होना चाहिए।
महाकाल के चरणों में मिलता है सही मार्गदर्शन

दिग्विजय सिंह मंगलवार की शाम उज्जैन पहुंचे। उन्होंने कई समर्थकों के निवास पर गए और कुशल क्षेम पूछी। पूर्व उद्योग मंत्री डा. राजेंद्र जैन के निवास उनके बड़े पुत्र के निधन पर उनके निवास पर जाकर परिजनों को शोक संवेदना व्यक्त की। इसी तरह कांग्रेस नेता अमानुल्लाह खान के निवास पर शोक प्रकट किया। शहर काजी खलिकुर्रहमान के निवास पर जाकर कुशल क्षेम सहित सौजन्य भेंट की। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनंतनारायण मीणा के निवास पर भी दिग्विजय सिंह पहुंचे जहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया। प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सुदर्शन गोयल के निवास पर भी वह गए। श्री सिंह महाकालेश्वर दर्शन के बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के लिए आलोट रवाना हो गए्र
बुधवार को कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह अपने पुत्र सहित भगवान महाकाल के दर्शन को पहुंचे। उन्होंने गर्भगृह की चौखट से भगवान महाकाल के दर्शन के पश्चात नंदीहाल में कुछ देर के लिए बैठकर ध्यान लगाया। उनके साथ एक दर्जन के करीब स्थानीय नेता साथ में शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल के दर्शन करने का आनंद जब-जब आया हूं लिया है। बहुत दिनों से कोरोना संक्रमण के चलते महाकाल दर्शन के लिए नहीं आ पाया था। भगवान महाकाल के दर्शन करके आत्म शांति और प्रेरणा मार्गदर्शन मिलता है। महाकाल मेरे इष्ट देव हैं। उनके चरणों में रहकर सही मार्गदर्शन मिलता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदैव हिंसा के खिलाफ है और गांधीवादाी व सत्य, प्रेम, सनातन संस्कृति पर चलती है। यही संदेश गांधी और महावीर स्वामी ने दिया। भाजपा संकुचित विचारधारा में चलती है और उससे हमारा वैचारिक मतभेद है। सच्चा सनातनी वर्ग विशेष में हिंसा नहीं फैलाता।
शहर का नाम बदलना भटकाने वाला काम
उमा भारती और प्रज्ञा ठाकुर द्वारा शहरों के नाम बदलने को लेकर उन्होंने कहा कि नाम बदलने से क्या सद्भावना बढ़ेगी। देश के 9.30 करोड़ लोगों की नौकरी चली गई। नाम बदलने से लोगों को रोजगार मिल जाएगा। अर्थव्यवस्था और भारत का भला हो जाएगा। सरकार बदल गई। ईवीएम बदल जाएगा तो सदर सत्ता बदल जाएगी। जिस दिन ईवीएम बंद हो जाएगी उस दिन जमीनी हकीकत मालूम पड़ जाएगी।