बाइक पर सवार थे बदमाश, कार के गेट पर लगी गोली
उज्जैन, अग्निपथ । दुर्लभ कश्यप की हत्या के मुख्य आरोपी पर बीती शाम जानलेवा हमला किया। बाइक से आये बदमाशों ने गोली चलाई, जो कार के गेट पर ऊपरी हिस्से से टकराई। नानाखेड़ा पुलिस ने 11 बदमाशों के खिलाफ जानलेवा हमले का प्रकरण दर्ज किया है।
एएसपी गुरूप्रसाद पाराशर ने बताया कि मंगलवार शाम नानाखेड़ा बस स्टेंड के पास बाइक पर सवार बदमाशों ने कार में सवार कुछ युवकों पर गोली चलाई थी। गोली कार के गेट पर ऊपरी हिस्से में लगी, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ है। नानाखेड़ा पुलिस ने मामले में शहनवाज हुसैन निवासी हेलावाड़ी की शिकायत पर जानलेवा हमले की धारा में 11 बदमाशों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है और तलाश शुरू की है।
इधर नानाखेड़ा थाने पर सामने आया कि शहनवाज ने तीन साल पहले अपने साथियों के साथ मिलकर बदमाश दुर्लभ कश्यप की हत्या की थी। जिसके चलते पुलिस ने उसे जेल भेजा था। कुछ साल जेल में रहने के बाद शहनवाज जमानत पर रिहा हुआ है। वह हत्या के मामले में न्यायालय पेशी पर साथियों के साथ आता-जाता है।
मंगलवार को पेशी होने पर वह अपने साथी लखन, रमीज और 2 अन्य के साथ पहुंचा था। शहनवाज दुर्लभ के साथियों से अपनी जान का खतरा होना न्यायालय को बता चुका था। न्यायालय ने पुलिस सुरक्षा के निर्देश दिये थे। पेशी के बाद शहनवाज कार से लौटा उनके साथ एक पुलिसकर्मी साथ चल रहा था। नानाखेड़ा बस स्टेंड से गुजरते समय बाइक पर आये 10 से 12 बदमाशों ने उनकी कार को रोक लिया।
शहनवाज और उसके साथी कुछ समझ पाते एक बदमाश ने गोली चला दी। जो कार के ऊपर गेट के पास जाकर लगी। गोली चलते ही पुलिसकर्मी कार के पास रूक गया। बदमाश पुलिस को देख भाग निकले। कहा जा रहा है कि पुलिसकर्मी नहीं होता तो नानाखेड़ा पर बड़ी घटना हो जाती। शहनवाज ने गोली चलाने वालों में रोशन शर्मा, अभिषेक वर्मा, बाबू टायर, नीलू संगत, यश, शानू, पीयूष सहित 11 के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया है।
पुलिस ने गोली चलाने वालों की तलाश शुरू की है। सूत्रों की माने तो पुलिस ने तीन से चार को हिरासत में ले लिया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है। गौरतलब हो कि दुर्लभ कश्यप की हत्या के बाद से उसके साथी शहनवाज को निशाना बनाने की फिराक में है।
शहनवाज की कार के साथ थी पुलिस
बताया जा रहा है कि शहनवाज और उसके साथियों ने दुर्लभ गैंग से अपनी जान का खतरा होना न्यायालय में बताया था। जिसके चलते पेशी पर आने के दौरान उनके साथ पुलिस भी न्यायालय आई थी। लौटते वक्त नीलगंगा थाने का पुलिसकर्मी उनकी कार के साथ चल रहा था। बदमाशों के गोली चलते ही पुलिस कर्मी रूक गया था और गोली चलाने वाले भाग निकले थे। कहा जा रहा है कि पुलिसकर्मी नहीं होता तो बड़ी घटना हो जाती। बाइक से आये बदमाशों के पर घातक हथियार थे।