संसद का सत्रः गुलाम नबी आजाद बोले, कृषि कानून वापस ले सरकार, देश के लिए किसान और जवान जरूरी

नई दिल्ली। नए कृषि कानून को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में 70 दिन से किसान आंदोलन जारी है। इस कड़ाके की सर्दी में किसानों के मुद्दे ने बजट सत्र का माहौल गरमा दिया है। बजट सत्र के तीसरे दिन भी राज्यसभा में किसानों के मुद्दे पर हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की। हालांकि कुछ देर बाद किसानों के मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बन गई। फिलहाल राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा जारी है। राज्यसभा में किसानों के मुद्दे पर साढ़े 14 घंटे तक चर्चा होगी। सरकार और विपक्ष में सहमति बन चुकी है।

राज्यसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि किसानों की ताकत देश की सबसे बड़ी ताकत है और उनसे लड़ाई कर हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकते। उन्होंने कहा कि देश के लिए किसान और जवान जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की सुननी चाहिए, उनसे लड़ना नहीं चाहिए। लड़ना है, तो पाकिस्तान और चीन से लड़ो किसानों से नहीं। किसानों से लड़कर कुछ नहीं मिलेगा। उन्होंने 1900 के दशक में पंजाब में हुए किसान आंदोलनों के दौरान लोकप्रिय गीत ‘पगड़ी संभाल जट्टा पगड़ी संभाल’ की कुछ पंक्तियों को भी उद्धृत किया और कहा कि किसानों ने अंग्रेज सरकार को भी अपने कानून वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया था।

आजाद ने पीएम के सामने बड़े टिकैत की दी मिसाल

गुलाम नबी ने कहा कि सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए। राज्यसभा में पीएम मोदी के सामने आजाद ने ‘बड़े टिकैत’ की मिसाल दी और कहा कि किसानों के सामने तो ब्रिटिश सरकार भी झुक गई थी। पहले भी किसानों के लिए कानून बनाए गए, जिन्हें किसानों ने  पसंद नहीं किया, तो उन्हें वापस लिया गया, तो जब इस बार किसान कृषि कानूनों को पसंद नहीं कर रहे हैं, तो सरकार को वापस लेने चाहिए।

भाजपा ने हिंदू मंदिरों पर हमलों का मामला राज्यसभा में उठाया

भाजपा ने राज्यसभा में आंध्र प्रदेश में मंदिरों पर हमलों का मुद्दा उठाया और केंद्र सरकार से इस संबंध में उचित कार्रवाई का आग्रह किया। भाजपा सदस्य जीवीएल नरसिम्हा राव ने उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए दावा किया कि पिछले 19 महीनों में आंध्र प्रदेश में हिन्दू मंदिरों पर हमले, उन्हें तोड़ने व मूर्तियों को अपवित्र करने और इसी प्रकार के अपराधों से संबंधित 140 मामले सामने आए हैं।

संजय सिंह समेत आप सांसदों को मार्शल की मदद से सदन से बाहर किया गया

इससे पूर्व राज्यसभा में बुधवार को आम आदमी पार्टी के तीन सदस्यों संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता को सभापति एम वेंकैया नायडू ने सदन की कार्यवाही बाधित करने पर दिन भर के लिए निलंबित कर दिया गया। बाद में उन्हें मार्शल की मदद से सदन से बाहर किया गया। इस बीच हंगामे के चलते सदन की बैठक करीब पांच मिनट के लिए स्थगित । कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों, सोशल एक्टिविस्टों पर राजद्रोह की धाराओं के तहत मामले दर्ज कराने का मुद्दा उठाया।

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