विधायक परमार और कांग्रेस महामंत्री उतरे मैदान में, कहा कि हजार की बजाय पांच हजार का बिल आयेगा

स्मार्ट मीटर लगाए जाने का राजनीतिक विरोध शुरू

उज्जैन,अग्निपथ। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल के द्वारा शहर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर अब राजनीतिक विरोध भी शुरू हो गया है। कांग्रेस विधायक ने मीटर लगाए जाने के खिलाफ सडक़ों पर उतरने की चेतावनी देने के साथ ही घर घर जाकर इसको लेकर जन आंदोलन करेगी। इसके बावजूद स्मार्ट मीटर लगाए जाना बन्द नहीं किया गया तो पार्टी बैनर तले बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के जो दुष्परिणाम सामने आए हैं, उसके तहत मीटर की तेज गति के साथ खराब होने पर उपभोक्ताओं से नया मीटर लगाए जाने के 12 हजार रूपए वसूले जाएंगे।

विधायक महेश परमार एवं शहर कांग्रेस कमेटी के महामंत्री ललित मीणा ने मंगलवार को मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने विद्युत नीति में व्यापक परिवर्तन करते हुए स्मार्ट मीटर लगाए जाने की योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन मीटर के लगाए जाने से कई दुष्परिणाम जबलपुर आदि स्थानों पर सामने आए हैं। इसके लगाए जाने के बाद मीटर की गति तेज होने की वजह से उसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ा है

उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली का बिल पहले दो हजार आ रहा था वह स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली का बिल सीधा पांच हजार रूपए तक जा पहुंचा। श्री परमार ने कहा शिवराज सरकार जनता को लूटने में लगी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटर खराब होने की दशा में नया मीटर लगाने के बदले उपभोक्ताओं को उसका 12 हजार रुपए शुल्क देना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्तमान में मीटर लगाए गए हैं उन मीटर में क्या खराबी है, उन्हें क्यों बदला जा रहा है इसके बारे में न तो अधिकारी कुछ बोल रहे हैं और ना ही भारतीय जनता पार्टी के नेता इसको लेकर मुंह खोल रहे हैं।

दोनों नेताओं ने कहा कि वर्तमान में घरों में लगे बिजली मीटर में कोई खामी नहीं होने के बावजूद सरकार नवीन स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर थोपने के लिए अड़ी हुई है। वर्तमान में दी जा रही सब्सिडी को खत्म करने की साजिश शिवराज सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार के द्वारा शुरू की गई सौ यूनिट के सौ रुपए की योजनाओं को भी शिवराज सरकार ने बदल दिया है। इसकी वजह से आज उपभोक्ताओं पर हजार 12 सौ रुपए का बिल वसूला जा रहा है।

भाजपा की कथनी और करनी में अंतर-भारतीय जनता पार्टी का दोहरा चरित्र इस बात को लेकर उजागर होता है कि राजस्थान में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का भारतीय जनता पार्टी विरोध करती है। परंतु यही स्मार्ट मीटर वह मध्यप्रदेश में उपभोक्ताओं पर जबरन थोपने का काम करती है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के विरोध के चलते राजस्थान की गहलोत सरकार ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने की योजना को त्याग दिया है। उसी तरह मध्य प्रदेश सरकार भी उपभोक्ताओं को राहत देते हुए स्मार्ट मीटर लगाए जाना बंद करें।

विधायक परमार एवं मीणा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि इसके लिए वह घर-घर जाकर जन आंदोलन के जरिए लोगों को जाग्रत कर शिवराज सरकार की करतूतों को अवगत कराएगी। उसके बावजूद मीटर लगाया जाना बन्द नहीं किए गए तो घेराव ,चक्काजाम और आंदोलन किया जायेगा।

 

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