उज्जैन, अग्निपथ। श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में प्रभु श्री राम जी के प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा मंदिर प्रांगण एवं श्री महाकाल महालोक के सप्तऋषि के समीप प्रतिदिन विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है ।
रविवार को आयोजित उत्सव में सुबह 8 से रात्रि 8 बजे 12 घंटे सतत नृत्यआराधना वेणुनाद निनाद नृत्य संस्थान के 101 कलाकारों द्वारा की जा रही है। जिसमे 4 वर्ष से लेकर 66 उम्र तक के कलाकारों ने भाग लिया। श्रीमती पलक पटवर्धन के निर्देशन में किया जा रहा है। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचन्द जूनवाल द्वारा सभी बालिकाओं व संस्था की निदेशिका श्रीमती पलक पटवर्धन का सम्मान किया गया। इस दौरान अनुराग चौबे, सत्येन्द्र भारत, निरंजन जूनवाल, प्रदीप भाटी आदि उपस्थित थे।
अयोध्या पहुंची उज्जैन श्री महाकालेश्वर भगवान के लड्डू प्रसाद की मिठास
उज्जैन, अग्निपथ। 18 जनवरी 2024 को श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित लड्डू प्रसाद इकाई से रात 1 बजे 5 कंटेनर एवं 3 इनोवा गाड़ी से पॉच लाख लड्डू प्रसाद लेकर प्रस्थान किया। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने 10 बजे भगवा ध्वज दिखाकर कंटेनर को अयोध्या के लिये रवाना किया। महाकाल कंटेनर एवं ब्रांडिंग होने से सागर, ललितपुर, उन्नाव आदि स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। 20 जनवरी 2024 को रात्रि 10:00 बजे सभी कंटेनर अयोध्या पहुंचे।
21 जनवरी को प्रात: 10 बजे अयोध्या के राम जन्मभूमि ट्रस्ट के केन्द्रीय कार्यालय के अधिकारी राजेन्द्र पंकज श्री चैपाल, प्रकाश, मीडिया प्रभारी बजरंगदल तथा विश्व हिन्दु परिषद केन्द्रीय भण्डार प्रभारी का समिति के द्वारा स्वागत किया गया तथा लड्डू प्रसाद सौपा गया। संभागायुक्त द्वारा निर्दिष्ट भण्डार प्रभारी दिवाकर के द्वारा उनकी टीम ने अपने मार्गदर्शन में समक्ष मे कंटेनर खाली कर सुविधा अनुसार वितरण हेतु सुरक्षित रखवाया गया। यह जानकारी श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा व्यवस्था हेतु अयोध्या पहुंचे सहायक प्रशासक डॉ.पीयूष त्रिपाठी सहायक प्रशासक प्रतीक द्विवेदी ने दी।
ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री डॉ. श्री मोहन यादव ने 22 जनवरी को अयोध्या की पावन धरा एवं भगवान श्री राम की जन्मभूमि स्थल पर भगवान श्री रामलला की प्रतिमा की प्राणप्रतिष्ठा के अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर के प्रसिद्ध 05 लाख लड्डू भोग प्रसाद अयोध्या पहुंचाया जाकर वितरण करने की मंशा जाहिर की थी।