ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय में लगाया आरोप, मतदान बहिष्कार व आंदोलन की दी चेतावनी
शाजापुर, अग्निपथ। करीब 9 माह पहले हुई पुणे में पदस्थ एक सैनिक की मौत की गुत्थी को पुलिस ने हाल ही में सुलझाया और सेमली के चार लोगों को आरोपी बनाया है। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण मतदान बहिष्कार व उच्च स्तरीय जांच की मांग की तख्तियां लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
गौरतलब है जिले के गांव रूपापुरा के समीप कालीसिंध नदी के किनारे भारतीय सेना के जवान जसवंत सिंह की लाश नौ महीने पहले मिली थी। लंबे समय से चली पुलिस जांच के बाद 23 मार्च को सेमली के चार युवाओं को पुलिस ने सैनिक की हत्या का आरोपी बनाकर जेल भेज दिया। गांव के चारों युवाओं को आरोपी बनाए जाने के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण हाथों में तख्तियां लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे।
जहां उन्होंने राज्यपाल, सीएम व कलेक्टर को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन में बताया कि पुलिस ने झूठी कहानी रचकर सेमली गांव के चारों युवकों को फंसाया। हम इस जांच से संतुष्ट नहीं हैै। अत: मामले की उच्च स्तरीय जांच हो। ग्रामीणों ने बताया कि जब तक उच्च स्तरीय जांच नहीं होगी तब तक हमारा गांव साहित आसपास के करीब पांच गांवो के लोग लोकसभा चुनाव में मतदान में शामिल नहीं होगा। साथ ही मांग नहीं मानने पर वृहद आंदोलन भी किया जाएगा।