मीसाबंदियों को एयर एंबुलेंस की सुविधा, एयर टैक्सी किराए में 25 प्रतिशत छूट भी मिलेगी
भोपाल। मध्यप्रदेश के स्कूलों में अब साल 1975 में देश में लगे आपातकाल के संघर्ष को पढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आपातकाल के संघर्ष को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। उन्होंने ये भी घोषणा की है कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और लोकतंत्र सेनानियों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होगा। अंत्येष्टि के लिए 8 हजार रुपए की राशि दी जाती है। इसे बढ़ाकर 10 हजार रुपए किया जाएगा।
बता दें कि बुधवार को सीएम हाउस में मीसाबंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेशभर के 750 मीसाबंदी और उनके परिजन मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। इस कार्यक्रम में मीसाबंदियों ने आपातकाल और जेल जाने के संस्मरण सुनाए।
कांग्रेस को लेकर कहा- रस्सी जल गई पर बल नहीं गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि रस्सी जल गई पर बल नहीं गया, कांग्रेस की यही स्थिति है। पाकिस्तान और भारत दोनों ही एक साथ आजाद हुए लेकिन पाकिस्तान में लोकतंत्र की हत्या हो गई और हमारा देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लोकसभा स्पीकर का चुनाव चल रहा था और एनडीए के सामने घमंडिया गठबंधन में अपनी पूरी ताकत लगा दी। आपातकाल के दौरान कांग्रेस का साथ देने वाले लोग आज उसके घमंडिया गठबंधन में शामिल हैं। यह सभी चोर चोर मौसेरे भाई की तर्ज पर काम करते हैं।
सीएम ने लोकतंत्र सेनानियों को लिए ये घोषणाएं की
- आपातकाल के संघर्ष को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा
- स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और लोकतंत्र सेनानियों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से होगा।
- अंत्येष्टि के लिए अब 8 हजार रुपए की जगह 10 हजार रुपए दिए जाएंगे।
- लोकतंत्र सेनानियों को सर्किट हाउस में रुकने पर 50 प्रतिशत छूट मिलेगी। सर्किट हाउस में तीन दिन रुक सकेंगे।
- सभी दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों को ताम्र पत्र दिए जाएंगे।
- टोल नाका में छूट मिलेगी और आयुष्मान कार्ड में सुविधा दी जाएगी।
- आकस्मिक चिकित्सा के लिए एयर एंबुलेंस का इंतजाम कराया जाएगा।
- एयर टैक्सी में लोकतंत्र सेनानियों को किराए में 25 प्रतिशत छूट मिलेगी।
- लोकतंत्र सेनानियों के परिजन को उद्योग लगाना हो या निवेश करना हो तो सरकार मदद करेगी।