शाजापुर, अग्निपथ। नशे के आदी एक कलयुगी बेटे ने अपनी मां को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया था क्योंकि उसने उसे नशा करने के लिए पैसे नहीं दिए थे। न्यायालय ने बेटे को आजीवन कारावास व अर्थदंड से दंडित किया है।
जिला लोक अभियोजक महेन्द्रसिंह परमार ने बताया कि लक्की व्यास को नशे की लत थी तथा वह रुपयों की मांग करते हुए अपनी मां लक्ष्मीबाई के साथ मारपीट करता था। 10 अप्रैल 2022 को आरोपी लक्की ने अपनी मां लक्ष्मीबाई से मारपीट करते हुये उनकी हत्या कर दी। इसके बाद अपने ग्राम पतोली स्थित घर में फांसी के फंदे पर लटका दिया था। उस समय लक्की के पिता सुरेश व्यास मंदिर में पूजा करने गए थे।
शाम के करीबन 6 बजे सुरेश व्यास अपने घर आए तो पड़ोसी हरिनारायण व्यास ने उनसे कहा कि तुम्हारा लडक़ा ताला लगाकर यह चाबी देकर गया है। जब सुरेश व्यास ने ताला खोलकर घर के अंदर जाकर देख तो उनकी पत्नी के गले में फांसी का फंदा लगा था और वह नीचे जमीन पर बैठी हुई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां आरोपी के विरूद्ध विचारण के दौरान आई साक्ष्य तथा फोरेंसिक एवं डीएनए रिपोर्ट के आधार पर अभियोजन के इस तर्क से सहमत होते हुये कि आरोपी द्वारा किया गया कृत्य गंभीर अमानवीय होकर हत्या की कोनी में आता है.
न्यायालय द्वारा आरोपी लक्की व्यास को धारा 302 भादवि के अपराध में दोषी पाते हुये आजीवन कारावास तथा 5 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। प्रकरण में घटनास्थल की कार्यवाही उप निरीक्षक अंकित इटावदिया द्वारा की गई तथा प्रकरण संचालन में उप निरीक्षक जया सुनेरी एवं प्रधान आरक्षक शांतिलाल सोलंकी द्वारा सहयोग प्रदान किया गया है।
शव की मु_ी में मिले थे बाल, उससे हुआ खुलासा
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव को देखा और तलाशी ली तो उन्हें मृतिका की मु_ी मेें 6 बाल मिले थे। जब इन बालों का डीएनए किया गया तो वह उनके बेटे लक्की से मैच हो गया था। वहीं न्यायालय में साक्षियों ने बताया कि आरोपी लक्की नशे का आदी होकर अपनी माता से मारपीट करता था तथा उनसे रूपये मांगता था तथा उसी ने ही लक्ष्मीबाई की हत्या की है।