शिवसेना की शिकायत के बाद आबकारी विभाग आया हरकत में
देवास, अग्निपथ। शहर सहित जिलेभर में अधिक दामोंं में बिक रही शराब के मामले में शिवसेना ने विगत दिनों जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत की थी। जिस पर कलेक्टर ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेकर कार्यवाही के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए थे। शिकायत का असर अब दिखने को मिला है। यह सब ठेकेदार व आबकारी अधिकारी की मिलीभगत से हो रहा था।
बताया जा रहा है कि जब से ठेकेदार ने ठेके लिए हैं, तभी से एमआरपी से अधिक दाम पर माल बेचा जा रहा है।
उक्त मामले में शिवसेना जिलाध्यक्ष सुनील वर्मा भरी जनसुनवाई में शराब की बोतल लेकर कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के पास आवेदन लेकर पहुंच थे। कलेक्टर श्री गुप्ता की टेबल पर शराब की बोतल सबूत सहित रखते हुए कहा कि शहर सहित जिलेभर में एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बिक रही है। कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने गंभीरता दिखाते हुए सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को जांच करने के निर्देश दिए थे। वही कलेक्टर की सख्त फटकार के बाद जांच दल भी हरकत में आया और देवास के समस्त ठेकों पर छानबीन शुरू कर दी।
विकास नगर चौराहे पर स्थित शराब दुकान, करीम अस्पताल के पास स्थित नावेल्टी चौक नामक शराब दुकान, देवास सीनियर पर स्थित लायसेंसी शराब दुकान पर एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बेच रहे ठेकेदार पर कलेक्टर ने सख्त करवाई करते हुए प्रति दुकान पर 10 हजार रूपए जुर्माना लगाते हुए एक दिन का लाइसेंस निरस्त किया है। साथ ही पूरे दिन के लिए शराब की दुकान अलग-अलग दिनांक में बंद करने के आदेश भी दिए हैं। उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभी तक ठेकों पर नहीं लगी है, रेट लिस्ट
जिलाध्यक्ष वर्मा ने कहा कि नियम अनुसार देवास जिले के समस्त ठेकों पर एमआरपी रेट की लिस्ट लगाना अनिवार्य है। लेकिन आबकारी विभाग और ठेकेदार रेट लिस्ट लगाने को तैयार नही है।
लोकायुक्त विभाग में भी शिकायत दर्ज कराएगी शिवसेना
शिवसेना प्रतिनिधि मंडल ने आरटीआई के तहत आबकारी विभाग से शिकायत की जांच रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिनले के पश्चात शिवसेना आबकारी अधिकारी व लायसेंसी ठेकेदार की लोकायुक्त विभाग में आर्थिक अनियमित्ता का तहत प्रकरण दर्ज कराएगा। वर्मा ने बताया कि कुछ दुकानों पर अभी भी कार्रवाई नहीं हुई है। जिलाध्यक्ष वर्मा ने कलेक्टर ऋषभ गुप्ता का धन्यवाद प्रेषित करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से जनता का विश्वास प्रशासन पर बढ़ेगा और एमआरपी से अधिक दाम में शराब बेचने वालों पर कार्रवाई होने से ग्राहकों का भरोसा भी कायम रहेगा।